रांची. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा पेपर लीक मामले में आज सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई पूरी करते हुए फैसाल सुरक्षित रख लिया है। अब मामले में फैसला आएगा।
JSSC CGL पेपर लीक मामले में सुनवाई पूरी
आज मामले में लगभग 2 घंटे तक हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हस्तक्षेपकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकर नारायण, सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना ने VC और अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने पक्ष रखा। प्रार्थी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अजित कुमार सिन्हा ने VC और वरिष्ठ अधिवक्ता अजित कुमार ने भी पक्ष रखा।
इससे पहले शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में करीब तीन घंटे तक सुनवाई चली। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार के लिए निर्धारित की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और हस्तक्षेपकर्ता पक्ष की ओर से दलीलें पेश की गईं। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में CID IG अनुप बिरथरे और CID की जांच टीम मौजूद रही। बताया गया कि रेफरेंस के कारण उस दिन सुनवाई आगे नहीं बढ़ पाई।
इससे पहले JSSC CGL परीक्षा पेपर लीक मामले में झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को करीब चार घंटे तक सुनवाई चली थी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई थी। इस दौरान प्रार्थी प्रकाश कुमार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता अजित कुमार सिन्हा और समीर रंजन ने पक्ष रखा। वहीं, राज्य सरकार की ओर से उपस्थित CID की टीम में CID IG अनुप बिरथरे भी मौजूद रहे। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में दोनों पक्षों के तर्क सुने गए। मामले में गुरुवार को फिर इस पर सुनवाई होनी थी, लेकिन नहीं हुई थी। इसके बाद शुक्रवार को सुनवाई हुई थी।
क्या है JSSC CGL पेपर लीक मामला?
प्रार्थी प्रकाश कुमार ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि JSSC CGL परीक्षा 2024 में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी और पेपर लीक हुआ है। याचिका में परीक्षा को रद्द करने और पूरी प्रक्रिया की CBI जांच या हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज की कमेटी से जांच कराने की मांग की गई है।
JSSC CGL पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई
बता दें कि, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा पेपर लीक मामले में कल कार्रवाई करते हुए सीआईडी (CID) की टीम ने वित्त विभाग के प्रशाखा पदाधिकारी संतोष कुमार मस्ताना को गिरफ्तार कर लिया था। उन पर पेपर लीक से जुड़ी गलत अफवाह फैलाने और जांच में बाधा डालने का आरोप है।
Highlights


