Ranchi: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। राज्य कैबिनेट की बैठक में जेटेट नियमावली (JTET)को मंजूरी नहीं मिल सकी। क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर उठे विवाद के कारण इस पर निर्णय टाल दिया गया है। अब इस नियमावली पर आगे विचार किया जाएगा।
भाषा को लेकर मंत्रियों ने जताया एतराज
कैबिनेट बैठक में वित्त मंत्री Radha Krishna Kishore और ग्रामीण विकास मंत्री Deepika Pandey Singh ने नियमावली में संशोधन की मांग रखी। दोनों मंत्रियों ने वर्ष 2012 की तर्ज पर क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने की बात कही। उन्होंने पलामू क्षेत्र में भोजपुरी और मगही तथा संताल परगना में अंगिका भाषा को शामिल करने की मांग उठाई, जिस पर सहमति नहीं बनने के कारण प्रस्ताव पर फैसला टाल दिया गया।
नियमावली में भाषा चयन अनिवार्य
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा तैयार नियमावली में जिलावार जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं का प्रावधान किया गया है। इसके तहत अभ्यर्थियों को इनमें से किसी एक भाषा का चयन करना अनिवार्य होगा और उसी के आधार पर परीक्षा में शामिल होना होगा।
10 साल बाद होनी है परीक्षा, लाखों अभ्यर्थियों को इंतजार
राज्य में करीब 10 वर्षों से झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं हुई है। ऐसे में लगभग 4 लाख से अधिक अभ्यर्थी इस परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। नियमावली में देरी से उम्मीदवारों की चिंता बढ़ गई है।
आवेदन प्रक्रिया शुरू, कैबिनेट मंजूरी का इंतजार
Jharkhand Academic Council ने कैबिनेट की मंजूरी की उम्मीद में परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। इसके तहत 28 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू की जानी है, हालांकि अंतिम नियमावली पर निर्णय अब कैबिनेट के अगले फैसले पर निर्भर करेगा।
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