भागलपुर : विक्रमशिला सेतु के संबंध में पथ निर्माण विभाग बिहार के प्रबंध निदेशक ने बताया कि तीन मई के मध्यरात्रि में P2-P3 Span के 34m लंबाई के सस्पेंडेंड भाग क्षतिग्रस्त हो गई थी। क्षतिग्रस्त होने के उपरांत विभागीय निदेश के अनुपालन में बीआरओ की टीम के साथ क्षतिग्रस्त भाग पर बेली ब्रिज का निर्माण कराया गया।

क्षतिग्रस्त होने के उपरांत IIT पटना द्वारा समर्पित प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन के आधार पर BRO को distress स्पेन में बेली ब्रीज निर्माण कराने हेतु अनुरोध किया गया
क्षतिग्रस्त होने के उपरांत आईआईटी पटना द्वारा समर्पित प्रारंभिक जांच प्रतिवेदन के आधार पर बीआरओ को distress स्पेन में बेली ब्रीज निर्माण कराने हेतु अनुरोध किया गया। तदालोक में चार अदद बेली ब्रिज का निर्माण क्रमशः V5-P1, P1-P2, P2-P3 एवं P3-P4 के उपर कराया गया। निर्माण के दौरान visual inspection के आधार पर balanced cantilever स्पेनों के एक्सपेंशन ज्वाइंट में उत्पन्न गैप की मापी की गई थी, जो भागलपुर की तरफ औसतन 90-100mm एव नवगछिया की तरफ औसतन 40-50mm पाई गई थी।

हल्के वाहनों के परिचालन निर्बाध रूप से सुचारू रखी जा सकती है
आपको बता दें कि आज यानी 10 जून को प्रिंट मीडिया व डिजिटल मीडिया में एक्सपेंशन ज्वाइंट के बीच गैप बढ़ जाने की बाते प्रकाश में आने के उपरांत पुल के उपर एवं नीचे से ड्रोन वीडियो/कैमरा के माध्यम से फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी कराई गई। इसके साथ ही स्थल पर मौजूद अभियंताओं के द्वारा भी एक्सपेंशन ज्वाइंट के गैप की मापी की गई। वीडिया एवं फोटो के वाद स्थल पर मापी गई गैप भागलपुर की तरफ औसतन गैप 90-100mm एवं नवगछिया के तरफ औसतन 40-50mm पाया गया, जो पूर्व की स्थिति से यथावत् है। उल्लेखनीय है कि हल्के वाहनों के परिचालन निर्बाध रूप से सुचारू रखी जा सकती है।
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