रांची : टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार आधुनिक पावर लिमिटेड के पूर्व एमडी महेश अग्रवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान एनआईए ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है. अब इस मामले में सुनवाई 3 फरवरी को होगी.
महेश अग्रवाल की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि वह इस मामले में पीड़ित हैं. क्योंकि उनसे लेवी वसूली जाती थी. सुप्रीम कोर्ट ने भी एक मामले में यह माना है कि अगर लेवी वसूला जाता है तो उसे टेरर फंडिंग नहीं माना जा सकता है. इसके अलावा महेश अग्रवाल भी कभी उग्रवादियों से नहीं मिले है. इसलिए उन्हें जमानत दी जानी चाहिए.
प्रार्थी की ओर से उठाए गए बिंदुओं पर एनआईए ने जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांगा है. जिसके बाद कोर्ट ने एनआईए के आग्रह को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई स्थगित कर दी.
महेश अग्रवाल पर लगा है ये आरोप
गौरतलब है कि महेश अग्रवाल आधुनिक कंपनी के डायरेक्टर थे और उनपर नक्सलियों और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों को वित्तीय सहायता पहुंचाने का गंभीर आरोप लगा है. महेश अग्रवाल को टेरर फंडिंग मामले में हाईकोर्ट द्वारा राहत दिये जाने से इनकार करने के बाद 18 जनवरी को एनआईए ने कोलकाता से गिरफ्तार किया था. एनआईए की टीम कोलकाता से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद 19 जनवरी की देर रात महेश अग्रवाल को लेकर रांची पहुंची थी. इस मामले में अन्य दो आरोपियों कोयला ट्रांसपोर्टर अमित अग्रवाल उर्फ सोनू और विनीत अग्रवाल की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पायी है. महेश अग्रवाल सहित तीनों आरोपियों पर सीसीएल के आम्रपाली परियोजना से कोयला ट्रांसपोर्टिंग के लिए उग्रवादी संगठन टीपीसी को फंड देने का आरोप है. एनआईए ने जांच के बाद इनकी संलिप्तता के प्रमाण पाते हुए आरोपी बनाया है.
रिपोर्ट : प्रोजेश दास
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