Koderma Committee Fraud Case: झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरीतिलैया में एक ‘कमेटी’ (चिट फंड) स्कीम से जुड़े लाखों रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में फरार आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए, तिलैया पुलिस ने मंगलवार को तीनों आरोपियों के घरों पर एक औपचारिक सार्वजनिक नोटिस (इश्तहार) चस्पा किया। इस घटनाक्रम ने मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
2021 में दर्ज हुआ था मामला
पुलिस के अनुसार, 2021 में झुमरीतिलैया के विद्यापुरी निवासी नैन्सी केलमैन, लकी केलमैन और सीमा केलमैन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उन्होंने ‘कमेटी’ स्कीम चलाने के नाम पर लोगों से बड़ी रकम जमा की और बाद में लगभग ₹50 लाख की कथित धोखाधड़ी करके फरार हो गए। कई लोगों ने इस मामले में शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
लगातार तलाशी के बावजूद आरोपी पकड़ से दूर रहे
FIR दर्ज होने के बाद, पुलिस ने आरोपियों का पता लगाने के लिए कई जगहों पर छापेमारी की। संभावित ठिकानों की भी तलाशी ली गई, लेकिन तीनों आरोपी कानून की पकड़ से दूर रहे। पुलिस ने बताया कि आरोपी तय तारीखों पर कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके लगातार अनुपस्थित रहने के कारण, कोर्ट ने उनके खिलाफ सार्वजनिक नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश पर घरों पर चस्पा किया गया सार्वजनिक नोटिस
कोर्ट के निर्देश पर अमल करते हुए, तिलैया थाने की एक टीम विद्यापुरी में आरोपियों के घर पहुंची। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए, पुलिस ने स्थानीय निवासियों की मौजूदगी में सार्वजनिक नोटिस चस्पा किया और प्रक्रिया पूरी की। नोटिस में आरोपियों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया है।
पेश न होने पर कानूनी कार्रवाई बढ़ सकती है
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अगर आरोपी तय समय के भीतर कोर्ट में पेश नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसमें संपत्ति कुर्क करने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। पुलिस का कहना है कि कोर्ट के सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा और आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में कदम
वित्तीय धोखाधड़ी के इस मामले में पुलिस की हालिया कार्रवाई को जांच में एक अहम मोड़ माना जा रहा है। लंबे समय से समाधान का इंतज़ार कर रहे शिकायतकर्ताओं को उम्मीद है कि कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने से आरोपी अदालत में पेश होंगे और मामले की सुनवाई में तेज़ी आएगी। पुलिस ने फिर दोहराया है कि वित्तीय अपराध के मामलों में कार्रवाई कानून के मुताबिक जारी रहेगी और जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी।
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