Kolkata RG Kar Case: सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई और पश्चिम बंगाल सरकार ने दाखिल की स्टेटस रिपोर्ट

डिजीटल डेस्क : Kolkata RG Kar Caseसुप्रीम कोर्ट में सीबीआई और पश्चिम बंगाल सरकार ने दाखिल की स्टेटस रिपोर्ट। कोलकाता निर्भया कांड के रूप में सुर्खियों में बने आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गत 9 अगस्त के तड़के मेडिकल छात्रा के  रेप और मर्डर मामले में सुप्रीम कोर्ट में गुरूवार की सुबह सीबीआई और पश्चिम बंगाल सरकार ने जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है।

जांच एजेंसी ने सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल की है और इस स्टेटस रिपोर्ट में कोलकाता पुलिस की ओर से गई लापरवाही का सीबीआई ने जिक्र किया है। बताया है कि संदेह के आधार पर जिन लोगों से पूछताछ की गई है उनका भी ब्यौरा इसी स्टेटस रिपोर्ट में दर्ज है।

इसी के साथ सीबीआई ने आरजी कर अस्पताल में मूल घटनास्थल को सुरक्षित या सील नहीं किए जाने की बात भी रिपोर्ट में उल्लेखित की है।

सुप्रीम कोर्ट में ममता सरकार की कानूनी टीम में 21 अधिवक्ता

आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ ममता बनर्जी सरकार का पक्ष रखने वाली अधिवक्ताओं एक बड़ी टीम पहुंची हुई है। इसमें 21 अधिवक्ता शामिल हैं। दूसरी ओर, केंद्र सरकार की कानूनी टीम में 5 अधिवक्ता हैं।

गुरूवार को सीबीआई के साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कोलकाता पुलिस ने भी सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है  जिसमें कोलकाता पुलिस ने की गई जांच में लापरवाही के आरोपों से बचाव करते हुए घटना के दिन का ब्योरा पेश किया गया है।

कोलकाता में मौजूद सीबीआई की एक टीम ने अतिरिक्त निदेशक और डीएसपी के नेतृत्व में इस रिपोर्ट को तैयार किया है।

सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट में उल्लेखित हैं कई बातें….

बता दें कि सीबीआई ने बीते 6 दिन में दो लोगों से लगातार पूछताछ की है। एक तो कोर्ट की ओर से रिमांड पर दिए गए गिरफ्तार आरोपी संजय रॉय है तो दूसरा आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष हैं। सीबीआई ने अस्पताल में जाकर सभी फोरेंसिक जांच की और सबूत इकट्ठा किया है।

सीबीआई के सीएफएसएल टीम के 5 डॉक्टरों ने संजय रॉय का साइक्लोजिकल टेस्ट भी किया और उसकी मानसिक स्थिति जानने की कोशिश की एवं उसकी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई। सीबीआई ने यह भी जांच की है कि क्या वारदात में अकेले संजय रॉय शामिल था या एक से ज्यादा आरोपी शामिल थे।

सीबीआई ने अस्पताल यानी क्राइम सीन पर कई बार दौरा किया और अपने विशेषज्ञों के साथ जरूरी सैंपल इकट्ठे किए। साथ ही स्पॉट की मैपिंग करते हुए अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में वारदात से पहले और बाद में आरोपी संजय रॉय की गतिविधियों को देखा गया। उसकी भी सीबीआई ने रिपोर्ट तैयार की है।

बताया जा रहा है कि क्राइम सीन पर सीबीआई को कई सारे फुटप्रिंट्स मिले  और उसकी वजह घटना के बाद क्राइम सीन को सील नहीं करना पाया गया है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास मरम्मत का काम भी हुई हुआ जिस वजह से काफी साक्ष्य मिटने का अंदेशा भी सीबीआई ने व्यक्त किया है।

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