पटना : सरकारी स्कूलों में छुट्टी का मामला अब तूल पकड़ लिया है.
उपेंद्र कुशवाहा के ट्वीट के बाद बिहार का सियासी टेंपरेचर चढ़ गया है.
उर्दू और संस्कृत विद्यालयों में छुट्टी को लेकर कुशवाहा के किए गए
ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर सियासी बयानबाजी शुरू हो गया है.
सरकारी स्कूलों में छुट्टी , बेवजह कोई भी विवाद न करे खड़ा- जदयू प्रवक्ता
जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष ने जो बातें कही है वह बिल्कुल सही है.
इस मामले पर किसी को भी बयान देने के पहले पूरी जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए
बेवजह विवाद नहीं खड़ा करना चाहिए.
सरकारी स्कूलों में छुट्टी – कुशवाहा के ट्वीट पर कांग्रेस ने कसा तंज
वही कांग्रेस ने उपेंद्र कुशवाहा के ट्वीट पर तंज कसते हुए कहा कि जब रविवार को छुट्टी दी जाती है तो फिर किसी और दिन क्यों. धार्मिक आधार पर छुट्टी दी जाएगी तो सभी धर्म के लोग अलग-अलग दिन छुट्टी की मांग करेंगे तो फिर पढ़ाई कब होगी.
गंगा जमुना तहजीब को बिगाड़ने की कोशिश कर रही बीजेपी- राजद
वहीं राजद ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि गंगा जमुना तहजीब को बिगाड़ने की कोशिश बीजेपी कर रही है. बीजेपी सरकार में है और मुख्य मुद्दा से लोगों को भटकाने का प्रयास किया जा रहा है शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा नियुक्ति नहीं हो रही इनसब सर कोई मतलब.
जानिए छुट्टी को लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने क्या कहा
उपेंद्र कुशवाहा ने ट्वीट कर कहा है कि उर्दू विद्यालयों में छुट्टी- वाकई जरूरी मुद्दा है या अनावश्यक विवाद बनाने की कोशिश. छुट्टी पर आपत्ति करने वाले महानुभावों, आप सभी को पता तो होना चाहिए कि शुक्रवार को सिर्फ उर्दू विद्यालयों में ही अवकाश नहीं होता है, संस्कृत महाविद्यालयों में भी प्रत्येक महीना के प्रतिपदा और अष्टमी को छुट्टी रहती है. नहीं मालूम है तो संस्कृत विश्वविद्यालय के इस कैलेंडर का अवलोकन कर अपना ज्ञान बढाईए, प्लीज. कुशवाहा ने अपने ट्वीट के साथ संस्कृत महाविद्यालय का एक कैलेंडर भी जारी किया है. जिसमें इन बातों का उल्लेख किया हुआ है.
राकेश सिन्हा ने दिया जवाब
दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा ने ये ट्वीट भाजपा के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा के जवाब में किया है जिसमें राकेश सिन्हा ने कहा था कि सरकारी छुट्टियां धर्म को देखकर नहीं होती हैं. अगर ऐसा होता है तो यह घोर सांप्रदायिक निर्णय है इस निर्णय को वापस लेना चाहिए. अपने ट्वीट में राकेश सिन्हा ने टर्की का उदाहरण दिया और कहा कि मुस्लिम बहुल देश टर्की में जहां 99 प्रतिशत मुसलमान हैं. वहां शुक्रवार की छुट्टी बदलकर रविवार कर दी गई है. भारत में अगर उल्टी गंगा बहाने की कोशिश होगी तो यह संभव नहीं है. अगर ऐसा होता है, तो यह गलत है. सरकार को अविलंब जांच कर जिन लोगों ने निर्णय किया है उस पर कार्रवाई करनी चाहिए.
रिपोर्ट: प्रणव राज
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