महाकुंभ 2025 में कल्पवास के दूसरे दिन कमला बनीं लॉरेन पॉवेल ने किया अमृत स्नान

जनार्दन सिंह की रिपोर्ट

प्रयागराज :  महाकुंभ 2025 में कमला बनीं लॉरेन पॉवेल का कल्पवास शुरू । महाकुंभ 2025 में मकर संक्रांति की सुबह जहां श्रद्धालुओं – तीर्थयात्रियों से लेकर मीडिया और सराकारी तंत्र की निगाहें मंगलवार को पौ फटने से पहले ही 13 सनातनी अखाड़ों के पहले अमृत स्नान को लेकर था, वहीं अचानक संगम की रेती पर एक रत्नजड़ित रथ पर सवार होकर पहुंचीं गेरुआ चोला धारण किए विदेशी महिला को विदेशी मीडिया निहारती ही रह गई।

कुछ देर बाद पता चला कि यह अच्युत गोत्र पाईं कमला बनी लॉरेन पॉवेल हैं जो apple कंपनी की मालकिन हैं। कमला बनीं लॉरेन पॉवेल मंगलवार को अमृत स्नान के लिए  13 सनातनी अखाड़ों के पहुंचने के क्रम में अपने गुरू स्वामी कैलाशानंद गिरी के साथ पहुंचीं।

अमृत स्नान को पहुंचीं गेरुआधारी कमला देख चकित रही विदेशी मीडिया

इससे पहले संगम क्षेत्र में सनातनी अखाड़ों के अमृत स्नान की भव्य-दिव्यता को कवर करने को पहुंची विदेशी मीडिया टीम उस समय एकदम चकित रह गई जब सारे अधुनातन चमक-दमक को त्याग अपनी 40 सदस्यीय टीम के साथ apple कंपनी की मालकिन कमला बनीं लॉरेन पॉवेल एकदम सादगी के साथ बिना मेकअप के ही गेरुआ चोले सामने दिखीं।

दरअसल, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद सरस्वती के साथ रथ पर सवार होकर अमृत स्नान (शाही) स्नान के लिए पहुचीं अमेरिका के  दिवंगतअरबपति कारोबारी स्टीव जाॅब्स की पत्नी लाॅरेन पाॅवेल को गेरुआ वस्त्र में देखकर अचंभित विदेशी मीडिया वाले पूरे नजारे को अपने कैमरों में कैद करने की होड़ में जुट गए। कैमरों की चकाचौंध से इतर कमला बनी लॉरेन सनातनी रंग में रंगीं हुई अमृत स्नान के लिए निर्धारित स्थान को बढ़ गईं।

मकर संक्रांति पर महाकुंभ में अमृत स्नना को जातीं कमला बनीं लॉरेन पॉवेल।
मकर संक्रांति पर महाकुंभ में अमृत स्नना को जातीं कमला बनीं लॉरेन पॉवेल।

महाकुंभ 2025 में कमला बनीं लॉरेन  पॉवेल के कल्पवास का संगम की रेती पर आज दूसरा दिन

बता दें कि इससे पहले बीते सोमवार को पौष पूर्णिमा के अवसर पर महाकुंभ 2025 के पहले दिन बिना किसी विशेष तामझाम के कमला बनीं लॉरेन पॉवेल सीधे संगम तीरे रेती पर निर्धारित स्थान पर पहुंची और बेहद ही सादगी संग सनातनी रंग-ढंग और व्यवहार को आत्मसात करते हुए अपना कल्पवास शुरू किया।

पौष पूर्णिमा पर संगम में प्रथम डुबकी के साथ बीते सोमवार को कमला बनी लॉरेन पॉवेल ने अपना कल्पवास आरंभ कर दिया था। कमला बनीं लॉरेन पॉवेल जॉब्स सेक्टर-18 में कैलाशानंद के शिविर में रहकर सनातन परंपरा के कठिन अनुशासन के तौर पर कल्पवास कर रही हैं।

मंगलवार को मकर संक्रांति के मौके पर कमला बनीं लॉरेन पॉवेल ने महाकुंभ के पहले शाही स्नान में हिस्सा लिया। वह आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद सरस्वती के साथ रत्न जड़ित शाही रथ पर सवार होकर कड़ी सुरक्षा के बीच संगम तट पर डुबकी लगाने के लिए पहुंचीं थीं।

महाकुंभ 2025 के दौरान कल्पवास के क्रम में सनातन संस्कृति को जानने में जुटी कमला बनीं लॉरेन पॉवेल

महाकुंभ के दौरान कमला बनीं लाॅरेन पाॅवेल सादगी भरा जीवन बिताते हुए संगम की रेती पर जहां सनातन की संस्कृति से परिचित होंगी, वहीं आध्यात्मिक ज्ञान भी प्राप्त करेंगी। स्वामी कैलाशानंद गिरि के शिविर में रहकर कमला बनीं लाॅरेन पाॅवेल शिव तत्व को जानने और सनातन संस्कृति को करीब से समझने का प्रयास करने में जुटी हैं।

लॉरेन पॉवेल अब बनीं कमला।
लॉरेन पॉवेल अब बनीं कमला।

कल्पवास के लिए महाकुंभनगर के संगम की रेती पर कमला बनीं लाॅरेन पाॅवेल आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कॉटेज में ठहरी हैं और संतों की संगत में संत्संग करते हुए समय बिता रही हैं। बता दें कि apple कंपनी के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल महाकुंभ 2025 में कल्पवास में शामिल होने से पहले बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी यानी वाराणसी भी पहुंचीं थीं। वहां भगवान काल भैरव, बाबा काशी विश्वनाथ, माता अन्नपूर्णा के दर्शन-पूजन किया।

वाराणसी में ‘कमला’ बनीं लॉरेन पॉवेल गुलाबी सूट और सफेद दुपट्टे में नजर आई थीं। वहां उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की थी एवं वाराणसी में ‘कमला’ बनीं लॉरेन पॉवेल को अपने गुरु स्वामी कैलाशानंद गिरी के साथ ही काशी विश्वनाथ में पूजा करते हुए देखा गया था। महाकुंभ में लॉरेन जॉब्स के आगमन पर पुजारी ने कहा कि उन्हें मंदिर के बाहर से शिवलिंग के दर्शन कराए गए क्योंकि किसी अन्य हिंदू को भगवान शिव के पवित्र प्रतीक को छूने की अनुमति नहीं है।

लॉरेन पॉवेल अब बनीं कमला।
लॉरेन पॉवेल अब बनीं कमला।

भारतीय परिधान (गुलाबी सूट और सिर पर सफेद दुपट्टा) पहने लॉरेन ने काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह के बाहर से पूजा-अर्चना की। वाराणसी में दर्शन पूजन के बाद ‘कमला’ बनीं लॉरेन पॉवेल सीधे प्रयागराज में संगम तट पर बने महाकुंभनगर पहुंचीं। इसी क्रम में यह भी बता दें कि ‘कमला’ बनीं लॉरेन पॉवेल को सनातन धर्म में आने के बाद अच्युत-गोत्र दिया गया है। इसके साथ ही उनका नाम भी लॉरेन पॉवेल से कमला रखा गया है।

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