डिजिटल डेस्क: Lucknow में बैंक लूट-चोरी के बिहार के शातिरों को न्योता देने वाले विपिन की तलाश तेज। यूपी की राजधानी लखनऊ में बीते शनिवार को बैंक में हुई लूट -चोरी की घटना में लिप्त दो शातिरों के एनकाउंटर में ढेर होने के बाद अब पुलिस को उस शातिर विपिन की तलाश है जिसने वारदात को अंजाम देने के लिए बिहार के शातिरों को न्योता दिया था।
पूरे मामले में अब तक के पड़ताल में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि Lucknow में हुई बैंक लूट-चोरी की घटना में शातिराना दिमाग और स्किल भले ही बिहार से आए अपराधियों का इस्तेमाल हुआ लेकिन उनका लोकल मास्टरमाइंड Lucknow निवासी विपिन ही था। उसकी अब पुलिस को सरगर्मी से तलाश है।
पंजाब में जालंधर के जेल में बिहार निवासी बैंक लुटेरो-चोरों से मिला था विपिन
यूपी पुलिस की क्राइम इनवेस्टिगेशन टीम ने बीते शनिवार को वारदात होने के समय से लेकर अब दो शातिरों को मुठभेड़ में ढेर होने तक पूरे घटनाक्रम पर एक रोचक तथ्य का खुलासा किया है। बताया है कि पूरे मामले की शातिराना योजना पंजाब के जालंधर जेल में बुनी गई। लखनऊ का विपिन साल भर पहले पंजाब के जेल में एक आपराधिक मामले में निरूद्ध था।
करीब एक साल पहले Lucknow में रहने वाले विपिन की जालंधर जेल में बिहार के बदमाशों से मुलाकात हुई थी। बिहार के बदमाश बैंक में चोरी के आरोप में ही जेल भेजे गए थे। मुलाकात के दौरान विपिन और बिहार के बदमाशों ने किसी बैंक में लूट-चोरी की योजना बनाई थी।
जेल से निकलने के बाद विपिन अन्य बदमाशों के संपर्क में था। विपिन ने मटियारी स्थित इंडियन ओवसीज बैंक की रेकी के बाद बाकी को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया।

Lucknow के इंदिरा नगर में बीते 17 दिसंबर जुटे थे सभी शातिर, फिर बनी बैंक लूट-चोरी की योजना
यूपी पुलिस ने अपने जांच में मिले तथ्यों के आधार पर खुलासा किया है कि फरार चल रहा शातिर विपिन कुमार वर्मा के बुलाने पर ही बिहार के मुंगेर निवासी अरविंद कुमार, कैलाश बिंद, सन्नी दयाल, भागलपुर निवासी बलराम कुमार, लखीसराय निवासी मिथुन कुमार, असरगंज निवासी सोबिन्द कुमार 17 दिसंबर को Lucknow आए थे। इंदिरानगर में किराए के मकान में रुककर पूरी प्लानिंग की।
एडीसीपी पंकज सिंह के अनुसार, ‘ …पांच दिन रेकी के बाद वारदात को अंजाम दिया। लगातार चार दिनों तक गिरोह ने बैंक और आसपास के इलाके की रेकी की। इस दौरान गिरोह ने बैंक में आसानी से दाखिल होने के रास्ते की तलाश की। आसपास कहां-कहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, इसका भी पता लगाया।
…चार दिन एक-एक चीज की बारीकी से रेकी करने के बाद गिरोह ने तय किया कि शनिवार की रात वारदात अंजाम दी जाएगी। बदमाशों ने वारदात के लिए अलग-अलग गाड़ियों का इस्तेमाल किया था। मकसद था पुलिस से बचना।
…बदमाश पहले दो बाइकों से पहुंचे और 200 मीटर दूरी पर खड़ी करके पैदल बैंक तक गए। इसके बाद गिरोह के दूसरे बदमाश दूसरे किसी वाहन से पहुंचे थे। चोरी करने के बाद बदमाश अपने ठिकाने पर गए और माल आपस में बांटने के बाद बिना नंबर प्लेट लगी कारों से बिहार चले गए’।

बीते 21 दिसंबर की रात Lucknow के इंडियन ओवरसीज बैंक के 42 लॉकरों को काटकर की करोड़ों की लूट-चोरी…
पुलिस की क्राइम इनवेस्टिगेशन टीम ने पूरे मामले की पड़ताल में तथ्यों के आधार पर खुलासा करते हुए बताया कि 21 दिसंबर की देर रात बैंक में सेंध लगाकर 42 लॉकरों से करोड़ों की लूट -चोरी को विपिन के न्योते पर बिहार से आए शातिरों ने अंजाम दिया।
एसीपी विभूतिखंड राधारमण सिंह ने बताया – ‘…लॉकर काटने के तरीके से स्पष्ट है कि किसी एक्सपर्ट का हाथ है। बदमाशों ने लॉकर काटने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कटर का उपयोग किया। इसके साथ ही लॉकरों को बेहद सफाई और कमजोर जगह से ही काटा गया। बीते शनिवार की रात 12 बजे के आसपास गिरोह दो बाइकों से बैंक के पास पहुंचा।
…बैंक से कुछ दूरी पर बाइकों को खड़ी कर खाली प्लॉट के रास्ते बैंक की दीवार में सेंध लगाकर अंदर दाखिल हो गए। चूंकि उनको पता था कि सीसीटीवी कैमरे कहां-कहां है, इसलिए पहचान छिपाने के लिए किसी ने मुंह पर नकाब लगा रखा था, तो किसी ने हेलमेट पहना हुआ था। इंडियन ओवरसीज बैंक में चार चोर दीवार काटकर बैंक के लॉकर तक पहुंचे थे।
…उसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रिक कटर से 42 लॉकर काटे और करोड़ों रुपये के जेवर, कागजात लूट ले गए थे। चोरों ने इस वारदात को रविवार को अंजाम दिया क्योंकि रविवार को बैंक बंद रहता है। ऐसे में चोरों ने बैंके के पास खाली पड़े प्लॉट की तरफ से दीवार काटी’।

Lucknow के इंडियन ओवरसीज बैंक से करोड़ों की लूट-चोरी की घटना की ऐसे मिली जानकारी…
अपराध, कानून और न्याय की दुनिया में एक कहावत मशहूर है कि अपराधी कितना ही चालाक हो लेकिन मौका ए वारदात पर कोई न कोई सबूत छोड़ ही जाता है। वही इस लखनऊ बैंक लूट-चोरी कांड में भी हुआ।
Lucknow के चिनहट स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक की दीवार काटकर शनिवार रात भीतर घुसे चोरों ने 42 लॉकर तोड़कर करोड़ों रुपये के जेवर पार कर दिए। साढ़े तीन घंटे तक चोर वारदात को अंजाम देते रहे, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। रविवार दोपहर बैंक के बगल में स्थित फर्नीचर दुकानदार बैंक की दीवार से सटे अपने प्लॉट पर पहुंचे तो घटना का पता चला।
रविवार को जब दुकानदार अख्तर प्लॉट की तरफ गया तो उसने दीवार कटी देखी तो तुरंत उसने पुलिस को जानकारी दी। सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बैंक के अंदर चेक किया गया तो 90 में से 42 लॉकर कटे हुए थे। उन लॉकरों में करोड़ों रुपये के जेवरात और कागजात थे। उसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि पूरे बैंक में सिर्फ एक सीसीटीवी कैमरा लगा था एवं उसी में एक शातिर का वीडियो फुटेज पुलिस के हाथ लगा।
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