मधेपुरा : मधेपुरा समाहरणालय में आज उस वक्त हलचल तेज हो गई। जब प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार अचानक निरीक्षण पर पहुंच गए। आयुक्त ने एक-एक कर स्थापना शाखा, पंचायत शाखा और सामान्य शाखा का बारीकी से जायजा लिया। फाइलों, रजिस्टरों और लंबित मामलों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई शाखाओं में फाइलों के लंबित रहने पर नाराजगी जताई गई और साफ निर्देश दिया गया कि सभी मामलों का निष्पादन समय-सीमा के भीतर हर हाल में किया जाए।
जनता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी – प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार
प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार ने अधिकारियों से दो टूक कहा कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने कार्यालय में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई, कार्यस्थल की व्यवस्था और ऑफिस के माहौल की भी समीक्षा की गई और इसे बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा देने और अभिलेखों के डिजिटलीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया। ताकि कामकाज तेज और पारदर्शी बन सके।

जनता के काम में देरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी – प्रमंडलीय आयुक्त
उन्होंने कहा कि जनता के काम में देरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। सभी अधिकारी समयबद्ध और जवाबदेह तरीके से काम करें। निरीक्षण के अंत में आयुक्त ने साफ कर दिया कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और जनता का भरोसा बनाए रखना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है। अब देखना होगा कि इस सख्ती का जमीनी असर कितना दिखता है।

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रमण कुमार की रिपोर्ट
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