झारखंड में मलेरिया के करीब 25 हजार मरीज मिले हैं। डेंगू के 79 मामले सामने आए। धनबाद मेडिकल कॉलेज में डेंगू जांच किट खत्म होने से परेशानी बढ़ी।
Malaria in Jharkhand रांची: बारिश के मौसम में झारखंड में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 18 लाख से अधिक संदिग्ध लोगों की जांच की जा चुकी है। इनमें करीब 25 हजार लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है।वहीं, राज्य में डेंगू के 79 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बारिश के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
Malaria in Jharkhand:जमा पानी में पनपते हैं मच्छरों के लार्वा
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के बाद घरों और आसपास के इलाकों में गड्ढों, खाली प्लॉट, टूटे बर्तनों, पुराने टायरों और अन्य जगहों पर पानी जमा हो जाता है। कई बार लोग इस पानी को समय पर नहीं हटाते हैं। जमा हुआ पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है। इसमें मच्छरों के लार्वा पैदा होते हैं। संक्रमित मच्छर के काटने से मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। इसलिए घरों की छत, आंगन, नालियों और आसपास के इलाकों में पानी जमा नहीं होने देना जरूरी है। कूलर और पानी रखने वाले बर्तनों की नियमित सफाई भी की जानी चाहिए।
Key Highlights
- झारखंड में 18 लाख से अधिक संदिग्ध मरीजों की मलेरिया जांच हुई है।
- जांच में करीब 25 हजार लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है।
- राज्य में डेंगू के 79 मरीज सामने आए हैं।
- बारिश के बाद जमा पानी से मच्छरों के लार्वा पनपने का खतरा बढ़ गया है।
- धनबाद मेडिकल कॉलेज में डेंगू जांच की किट खत्म होने की जानकारी सामने आई है।
Malaria in Jharkhand:धनबाद में डेंगू जांच किट खत्म होने से बढ़ी परेशानी
धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में डेंगू की जांच के लिए इस्तेमाल होने वाली किट खत्म होने की जानकारी सामने आई है। इसके कारण मरीजों की जांच को लेकर परेशानी बढ़ सकती है। वहीं सदर अस्पताल में रैपिड एंटीजन किट से डेंगू की जांच की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार रैपिड टेस्ट की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए संदिग्ध मामलों में चिकित्सकीय सलाह और जरूरत के अनुसार अधिक विश्वसनीय जांच कराना महत्वपूर्ण है।स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में डेंगू के 79 मामले सामने आए हैं, लेकिन बारिश के मौसम में मच्छरों की संख्या बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में सतर्कता और निगरानी बढ़ाना जरूरी है।


















