BSL Vigilance Awareness Campaign 2026: बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में सतर्कता जागरूकता और पारदर्शी कार्य-संस्कृति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। बीएसएल के सतर्कता विभाग ने आगामी ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026’ और वर्तमान में चल रहे तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान के तहत प्रोजेक्ट डिवीजन के टेंडर एवं क्लेम्स विभाग के अधिकारियों के साथ यह कार्यक्रम आयोजित किया। 31 अगस्त 2026 को आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में मुख्य महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट कमर्शियल), टेंडर एवं क्लेम्स विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सतर्कता विभाग के अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में कुल 16 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
सत्यनिष्ठा की शपथ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत
संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ सत्यनिष्ठा की शपथ के साथ किया गया। इसके बाद सतर्कता विभाग के उप महाप्रबंधक और सहायक महाप्रबंधक ने टेंडर एवं क्लेम्स विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभागीय प्रक्रियाओं में संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान करना और कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाना था। अधिकारियों के बीच संवाद के दौरान टेंडर से संबंधित प्रक्रियाओं और निर्णय लेने की व्यवस्था पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
टेंडर दस्तावेजों की अस्पष्टताओं पर हुई चर्चा
संवाद के दौरान टेंडर दस्तावेजों में संभावित अस्पष्टताओं की पहचान और उनके समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने इस बात पर चर्चा की कि टेंडर प्रक्रिया में कार्यों और दायित्वों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना क्यों आवश्यक है। बैठक में निर्णय लेने की प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया गया। साथ ही टेंडरिंग कमेटियों की भूमिका, जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली को लेकर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के दौरान अपने अनुभव भी साझा किए और प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव दिए। इन सुझावों के माध्यम से संभावित कमियों और जोखिमों को समझने का प्रयास किया गया।
पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति मजबूत करने पर जोर
बीएसएल के सतर्कता विभाग की इस पहल का उद्देश्य केवल प्रक्रियागत कमियों की पहचान करना नहीं, बल्कि संगठन में पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करना भी है। कार्यक्रम में इस बात पर बल दिया गया कि संभावित जोखिमों को समय रहते पहचानने से भविष्य में उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रोका जा सकता है। इसके साथ ही निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक उत्तरदायी और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। निवारक सतर्कता को संगठन की नियमित कार्य-संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में भी चर्चा की गई। अधिकारियों का मानना रहा कि बेहतर संवाद और स्पष्ट प्रक्रियाएं संगठनात्मक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बना सकती हैं।
‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ की थीम के अनुरूप पहल
इस वर्ष सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ रखी गई है। इसी थीम के अनुरूप आयोजित संवाद कार्यक्रम में नैतिक और सतर्क कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। बीएसएल में चल रहा निवारक सतर्कता अभियान विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली में संभावित जोखिमों की पहचान और प्रक्रियाओं को मजबूत करने पर केंद्रित है। टेंडर एवं क्लेम्स विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित यह संवाद इसी अभियान का एक हिस्सा रहा। संवाद कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि संगठनात्मक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर स्पष्ट प्रक्रियाएं और जिम्मेदार निर्णय आवश्यक हैं। बीएसएल सतर्कता विभाग की यह पहल आगामी सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 के उद्देश्य को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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