यूक्रेन व रूस युद्ध के बीच फंसे झारखंड के कई लोग, घर वापसी के लिए लगाई गुहार

रांची : यूक्रेन व रूस के अभी युद्ध चल रहा है. इस युद्ध में हजारों भारतीय यूक्रेन के विभिन्न शहरों में फंसे हैं. इनमें ज्यादातर मेडिकल की पढ़ाई करने भारतीय छात्र हैं.

भारत के बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों के छात्र यूक्रेन में अध्ययनरत हैं.

मिली जानकारी के अनुसार झारखंड के चान्हो, जमशेदपुर, सोनुआ के छात्र यूक्रेन में फंसे हैं.

चान्हो की हाफिजा शम्स मसी यूक्रेन में फंसी

Hafiza Shams 22Scope News
चान्हो के रहने वाले हाजी मसीहुद्दीन की छोटी बेटी हाफिजा शम्स

रांची के चान्हो के रहने वाले हाजी मसीहुद्दीन की छोटी बेटी हाफिजा शम्स यूक्रेन गई थी. वे डॉक्टर की पढ़ाई करने के लिए दिसम्बर 2020 में यूक्रेन के पुलतावा शहर गई थी. रूस के द्वारा अचानक हमले के कारण वो यूक्रेन में फंसी हुई है. परिवार वाले भयभीत एवं परेशान हैं. वहीं पढ़ने गई छात्रा हाफिज शम्स भी काफी परेशान हैं. परिवार वालों ने बताया कि लगातार बातचीत हो रही है. लेकिन बेटी घबराई हुई है. हम लोग भी परेशान हैं. हाफीजा के पिता हाजी मसीउद्दीन ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि भारत की जितने भी नागरिक फंसी हुई है, उन्हें भारत सरकार जल्द से जल्द सकुशल वापस लाने का इंतजाम करे.

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चान्हो के रहने वाले हाजी मसीहुद्दीन की छोटी बेटी हाफिजा शम्स

जमशेदपुर की राशिका खेमका ओडिसा में फंसी

Rashika Khemka 22Scope News

जमशेदपुर शहर की राशिका खेमका यूक्रेन के ओडिसा में फंसी हुईं हैं.

घर से मात्र दो किलोमीटर दूरी पर ही धमाका हुआ. जमशेदपुर में फोन कर परिजनों को घटना की जानकारी दी. रूस ने यूक्रेन पर हमला कर जंग की शुरुआत कर दी है. इधर जंग शुरू होते ही यूक्रेन में आवाजाही बंद हो चुकी है. इस घटना से भारत के कई छात्र और कामगार यूक्रेन में ही फंस गए है. शहर के व्यापारी संजय कुमार खेमका की 24 वर्षीय बेटी रशिका खेमका भी उन्ही में से एक है. जंग शुरू होने की बात सुन उनका पूरा परिवार डरा सहमा है. यूक्रेन के ओडिसा में मौजूद राशिका ने भारतीय समय के अनुसार सुबह 7.30 बजे अपने पिता संजय खेमका को फोन कर इलाके में हमला होने की जानकारी दी. पांच मिनट बात होने के बाद ही राशिका ने फोन काट दिया. हालांकि इसके बाद राशिका कई बार फोन कर स्थिति की जानकारी देती रही.

राशिका यूक्रेन के ओडिसा स्थित ओडिसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी की फाइनल ईयर की छात्रा है.

यूक्रेन में फंसे सोनुआ के सुशांत गौरव

युक्रेन में फंसे सोनुआ के चमकपुर का सुशांत गौरव भी शामिल है. उसके पिता महेंद्र महतो सोनुआ के मध्य विद्यालय महुलडीहा में शिक्षक हैं. युद्ध की खबर मिलने के बाद वह काफी परेशान व चितिंत हैं. उन्होंने बताया कि सुशांत गौरव यूक्रेन के विनितसिया शहर के विन्नित्सा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं. वर्तमान में वह कॉलेज के हॉस्टल में फंसा हैं. सृष्टि गर्ग ने बताई यूक्रेन की स्थिति टाटा कमिंस कर्मचारी यूनियन के पूर्व कमेटी मेंबर कामेश्वर पांडेय की बेटी सृष्टि गर्ग भी यूक्रेन के खारकिव शहर स्थित नेशनल मेडिकल कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई कर रही है. सृष्टि गर्ग ने बताया कि वहां हालात भयावह है. मार्शल लॉ लगा दिया गया है. लोगों को घर से निकलने में डर लग रहा है. खाने पीने की भी चीजें भी मिलना मुश्किल हो गया है.

सिंहभूम चैंबर ने विदेश मंत्रालय से लगाई गुहार

यूक्रेन में फंसे जमशेदपुर की राशिका खेमका, कामेश्वर पांडेय की बेटी सृष्टि गर्ग सहित दूसरे जिलों के छात्रों की वापसी के लिए सिंहभूम चैंबर ने गुहार लगाई है. सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने मेल एवं ट्विटर के माध्यम से विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है. इस संदर्भ में चैम्बर अध्यक्ष ने विदेश मंत्री को ट्वीट एवं मेल कर राशिका की सकुशल स्वदेश वापसी की मांग की है. उन्होंने इस संदर्भ में जिला उपायुक्त सूरज कुमार से भी बात कर इस मामले में सकारात्मक पहल की अपील की है.

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रिपोर्ट: लाला जब़ी/अल्ताफ अंसारी

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