Ranchi: राज्य के विद्यार्थियों द्वारा E-Kalyan छात्रवृत्ति भुगतान में हो रही देरी और अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज बुलंद की जा रही है। इसी कड़ी में छात्रहित सर्वोपरि मंच के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष आमिर हमजा और प्रदेश संगठन प्रभारी कुणाल पोद्दार के नेतृत्व में राज्य के कई जिलों में एक साथ जिला उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपा गया। छात्रहित सर्वोपरि मंच ने कहा कि विद्यार्थियों का अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। छात्रवृत्ति भुगतान में देरी अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को बताया कि छात्रवृत्ति भुगतान में लंबे समय से जारी अव्यवस्था के कारण लाखों छात्रों की पढ़ाई, परीक्षा प्रक्रिया और कॉलेज में दाखिला प्रभावित हो रहा है। प्रतिनिधियों ने अनुरोध किया कि ज्ञापन को राज्यपाल और उच्चाधिकारियों तक तुरंत भेजा जाए और जिला कल्याण पदाधिकारी को भी इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को रिमाइंडर भेजने को कहा जाए।
कई जिलों में सौंपे गए ज्ञापनः
- कोडरमाः सुनील कुमार और अख्तर अंसारी के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधियों ने ई-कल्याण छात्रवृत्ति (E-Kalyan) की समस्याओं को विस्तार से रखा और त्वरित समाधान की मांग की।
- पलामूः जिला अध्यक्ष दीपू कुमार सिंह और जिला सचिव सचिन सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विद्यार्थी डीसी से मिले और बताया कि छात्रवृत्ति न मिलने से उन्हें फीस, परीक्षा फॉर्म और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई छात्र कर्ज लेकर पढ़ाई कर रहे हैं।
- गोड्डाः विवेकानंद शाह और ललित महतो द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में देरी को “शिक्षा संकट” बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई। जिला कल्याण पदाधिकारी ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए उचित पहल का आश्वासन दिया।
- दुमकाः रूपेश यादव और हिमांशु कुमार के नेतृत्व में छात्रों ने डीसी को ज्ञापन देकर बताया कि छात्रवृत्ति के विलंब से प्रवेश, परीक्षा और मार्कशीट जैसी प्रक्रियाएं बाधित हो रही हैं।
ज्ञापन में उठाए गए मुख्य मुद्देः
- पिछले तीन वर्षों से छात्रवृत्ति भुगतान में भारी देरी।
- केंद्र और राज्य की 60-40 हिस्सेदारी वाली योजना में केंद्र का बड़ा हिस्सा जारी नहीं।
- करीब ₹9.80 अरब राशि लंबित, जिससे लाखों विद्यार्थी प्रभावित।
- कई छात्र फीस, परीक्षा फॉर्म, मार्कशीट और टीसी तक नहीं ले पा रहे।
- आर्थिक संकट के कारण कई छात्रों की पढ़ाई रुकने और कर्ज लेने की नौबत।
प्रमुख मांगेंः
- केंद्र सरकार तुरंत अपना लंबित 60% बजट जारी करे।
- छात्रवृत्ति भुगतान को समयबद्ध, पारदर्शी और नियमित किया जाए।
- लंबित राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- सत्र 2023-24 एवं 2024-25 की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए।
- 15 दिनों में समाधान न होने पर शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी।
प्रशासन से आग्रहः
- ज्ञापन को राज्यपाल एवं उच्च अधिकारियों तक तुरंत भेजा जाए।
- छात्रवृत्ति को लेकर गंभीर और त्वरित निर्णय लिया जाए ताकि लाखों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
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