मंत्री राम कृपाल ने कहा- मृदा स्वास्थ्य कार्ड से संतुलित उर्वरक उपयोग को मिल रही नई दिशा

पटना : बिहार सरकार कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा है कि बिहार सरकार किसानों की खेती को वैज्ञानिक, लाभकारी और दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी संकल्प के तहत केंद्र प्रायोजित मृदा स्वास्थ्य व उर्वरता योजना का राज्यभर में प्रभावी एवं सुनियोजित क्रियान्वयन किया जा रहा है, ताकि किसानों की मिट्टी स्वस्थ रहे और उनकी मेहनत का पूरा फल उन्हें मिल सके।

चालू वित्तीय वर्ष में राज्य के लिए 3 लाख मिट्टी नमूनों के संग्रहण व विश्लेषण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है – कृषि मंत्री राम कृपाल यादव

मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में राज्य के लिए तीन लाख मिट्टी नमूनों के संग्रहण एवं विश्लेषण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 2.95 लाख मिट्टी नमूनों का संग्रहण किया जा चुका है, जबकि 2.09 लाख नमूनों का विश्लेषण पूर्ण कर किसानों को उनके खेत के अनुसार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जा चुका है। शेष नमूनों का विश्लेषण भी शीघ्र पूर्ण करने के लिए कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है।

PM और CM की किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दूरदर्शी सोच को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना एक अत्यंत महत्वपूर्ण व निर्णायक पहल है

राम कृपाल यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दूरदर्शी सोच को धरातल पर उतारने की दिशा में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक पहल है। यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ खेती की लागत घटाने और आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड केवल एक कार्ड नहीं, बल्कि किसान के खेत का वैज्ञानिक मार्गदर्शक दस्तावेज है – मंत्री

मंत्री ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड केवल एक कार्ड नहीं, बल्कि किसान के खेत का वैज्ञानिक मार्गदर्शक दस्तावेज है। इसके माध्यम से किसान को अपने खेत की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की सटीक जानकारी प्राप्त होती है। जांच रिपोर्ट के आधार पर फसल एवं रकबे के अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग की स्पष्ट अनुशंसा दी जाती है, जिससे अनावश्यक और अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग में कमी आती है।

‘योजना का उद्देश्य केवल फसल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि मिट्टी की दीर्घकालिक उर्वरता बनाए रखना’

उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल फसल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि मिट्टी की दीर्घकालिक उर्वरता बनाए रखना, पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना और किसानों की लागत कम कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है। संतुलित उर्वरक प्रबंधन से भूमि की सेहत सुधरती है, जल संसाधनों का संरक्षण होता है और खेती अधिक सुरक्षित व टिकाऊ बनती है।

कृषि मंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा- इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार की कृषि व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी

कृषि मंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि वे मिशन मोड में कार्य करते हुए शेष लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण करें, ताकि राज्य का हर किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लाभ से आच्छादित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार की कृषि व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी तथा किसानों को इसका प्रत्यक्ष और स्थायी लाभ प्राप्त होगा।

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