पटना : सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के नए मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मंगलवार को विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। विभाग के मुख्यालय पहुंचने पर अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पदभार संभालते ही उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताया और कहा कि यह तीसरी बार है जब मुख्यमंत्री ने उन पर इस महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है, जिसका महत्व बिहार की शासन व्यवस्था में लगातार बढ़ रहा है। इस अवसर पर उन्होंने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के प्रचार-प्रसार को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए विभाग निरंतर प्रयासरत रहेगा। उन्होंने कहा कि आम जनता तक सही सूचना समय पर पहुंचे यह हमारी प्राथमिकता होगी।
सही और पारदर्शी सूचना प्रसार ही सरकार और जनता के बीच भरोसे की सबसे मजबूत कड़ी है – विजय कुमार चौधरी
विजय कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग बिहार सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और नीति-निर्णयों को जनता तक विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रमुख माध्यम है। उनका मानना है कि सही और पारदर्शी सूचना प्रसार ही सरकार और जनता के बीच भरोसे की सबसे मजबूत कड़ी है। उन्होंने दावा किया कि इसी प्रभावी संचार रणनीति की बदौलत एनडीए को बिहार में प्रचंड जनसमर्थन मिला, क्योंकि लोगों तक सरकार के कार्य सही समय पर और सटीक तरीके से पहुँच पाए।
मंत्री ने कहा कि विभाग के अधिकारियों ने अब तक बेहतर काम किया है
मंत्री ने कहा कि विभाग के अधिकारियों ने अब तक बेहतर काम किया है और आगे इसे और आधुनिक, तेज और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शीघ्र ही अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें मीडिया प्रबंधन, डिजिटल कम्युनिकेशन, पब्लिक आउटरीच और योजनाओं के प्रचार-प्रसार को नए आयाम देने पर चर्चा होगी।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है – विजय चौधरी
उनका कहना था कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के साथ संवाद स्थापित करने और सरकार के विकास कार्यों को जमीन तक पहुंचाने का संवाहक भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में विभाग नई तकनीकों, सोशल मीडिया रणनीतियों और डेटा-आधारित कम्युनिकेशन मॉड्यूल को अपनाकर बिहार सरकार की उपलब्धियों को और प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाएगा।
स्नेहा राय की रिपोर्ट
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