POCSO कोर्ट ने नाबालिग से गैंगरेप मामले में चार दोषियों को अंतिम सांस तक उम्रकैद की सजा सुनाई. FSL रिपोर्ट और DNA साक्ष्य के आधार पर फैसला सुनाया गया.
Minor Gang Rape Case : रांची में पॉक्सो मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में सख्त फैसला सुनाया है. कोर्ट ने सोमवार को चार दोषियों दीपक कुमार, नितेश कुमार, बंटी तिर्की और गोपाल कोइरी को अंतिम सांस तक कठोर कारावास की सजा दी. अदालत ने सभी चारों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
इस मामले में अदालत ने 20 नवंबर को ही चारों को दोषी करार दे दिया था. सजा निर्धारण के दौरान एफएसएल रिपोर्ट को सबसे निर्णायक माना गया. रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि पीड़िता के अंडरगारमेंट्स पर चारों युवकों के डीएनए साक्ष्य मौजूद थे. इसी ठोस वैज्ञानिक प्रमाण ने अदालत को कठोर सजा देने की ओर अग्रसर किया.
मूल प्राथमिकी के अनुसार, इस मामले में कुल पांच अभियुक्त थे. इनमें से एक आरोपी नाबालिग है. उसका मामला चिल्ड्रेन कोर्ट में विचाराधीन है.
Key Highlights
POCSO विशेष न्यायाधीश की कोर्ट ने चार दोषियों को अंतिम सांस तक कठोर कारावास की सजा सुनाई
सभी दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया
FSL रिपोर्ट में पीड़िता के कपड़ों पर चारों आरोपियों का DNA मिला
पांच आरोपियों में एक नाबालिग, जिसका मामला चिल्ड्रेन कोर्ट में लंबित
2 अक्टूबर 2023 को धुर्वा डैम और दशम फॉल इलाके में वारदात को दिया गया था अंजाम
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था
Minor Gang Rape Case : कैसे हुआ था अपराध
मामला दो अक्टूबर 2023 का है. पीड़िता का दीपक कुमार से पहले से परिचय था. घटना के दिन दीपक ने उसे मिलने के लिए धुर्वा डैम बुलाया. वहां से वह उसे खूंटी रोड के डियर पार्क लेकर गया, जहां उसने पीड़िता से दुष्कर्म किया. इसके बाद दीपक ने अपने तीन दोस्तों को मौके पर बुलाया.
चारों ने मिलकर पीड़िता को दशम फॉल ले जाने की योजना बनायी. विरोध के बावजूद वे उसे घुमाने के बहाने जबरन वहां ले गये और सामूहिक दुष्कर्म किया. अगले दिन सुबह दीपक ने पीड़िता को धुर्वा डैम के पास छोड़ दिया. घर पहुंचने के बाद पीड़िता ने परिजनों को पूरी घटना बतायी, जिसके आधार पर धुर्वा थाना में केस दर्ज हुआ.
Minor Gang Rape Case : पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया. जांच के दौरान एकत्र किये गये वैज्ञानिक सबूतों ने अदालत में घटनाक्रम की पुष्टि की और इसी के आधार पर सख्त सजा सुनायी गयी.
Highlights







