DARBHANGA : नेपाल के पोखरा से चली शालीग्राम शिला जैसे ही दरभंगा की सीमा के भीतर पहुंची, जय श्रीराम के उद्घोष से वातावऱण गूंज उठा. सड़कों पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. शालीग्राम शिला के दर्शन और उसे छूकर प्रणाम करने के लिए दौड़ते-भागते श्रद्धालु. महिला और पुरुष साथ-साथ. भावनाओं का ऐसा उभार कि पूरा वातावरण राममय हो उठा . नेशनल हाईवे की भीड़-भाड़ वाली ट्रेफिक की परवाह किए बिना दर्शन के लिए दौड़ते रहे लोग. कई जगह हाथों में आरती की थाल लेकर भी लोग पूजा-अर्चना करते दिखे. शालीग्राम शिला का दर्शन और स्वागत करने नगर विधायक संजय सरावगी भी पहुंचे.

शालीग्राम शिला के दर्शन के लिए सड़क पर बेतहाशा भागते दिखे श्रद्धालु

दरभंगा से मुजफ्फरपुर की ओर जाने वाले एनएच 57 पर शिला की एक झलक पाने के लिए कई किलोमीटर तक लोग कतार में खड़े रहे. जो पीछे छूट गए वो गाड़ी के पीछे बेतहाशा भागते दिखे बिना सर्दी का मौसम और देर रात की परवाह किए .
शालीग्राम शिला को कड़ी सुरक्षा के बीच अयोध्या ले जाया जा रहा है. यात्रा को कहीं रोका नहीं गया. फिर भी श्रद्धालुओं की भीड़ का आलम ये था कि दरभंगा से निकलने में कई घंटे लग गए. जगह-जगह सुरक्षा बलों को भी तौनात किया गया था ताकि यात्रा में व्यवधान न पड़े.
शिला की झलक पाने के लिए नेशनल हाईवे 57 पर कई किलोमीटर लंबी कतार
शालिग्राम शिलाओं के साथ-साथ गाड़ियों का काफिला भी
चल रहा है. साथ में बाइकों पर सवार सैकड़ों रामभक्तों का
दल भी चल रहा है भगवा झंडा और जयश्री के राम के उद्घोष के साथ.
नेपाल के काली गंडकी नदी से दो विशाल शालीग्राम शिलाओं
को निकाल कर अयोध्या लाया जा रहा है. ये शिलाएं हजारों साल पुरानी है.
इनसे रामलला की प्रतिमा बनेगी. यही वजह है कि जहां-जहां
से शिलाओं की ये यात्रा गुजर रही है श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं.
- पलामू के लोग Iran War Crisis में फंसे, पढ़ाई और नौकरी करने गए पांच युवक ईरान में अटके
- गुजारा भत्ता से बचने का Crime: थार से पत्नी को कुचलवाया, बस कैमरे ने खोला सच
- Holi Crime Story: दारू, बंदूक और सनक के बीच रांची में अपराध का रंगीन व्यंग
Highlights


