गहलोर में विधायक ने किया कंबल वितरण,मांझी ने कहा जब तक सुधारेंगे नहीं तब तक मरेंगे नही

गहलोर में विधायक ने किया कंबल वितरण,मांझी ने कहा जब तक सुधारेंगे नहीं तब तक मरेंगे नही

गयाजी : जिले के अतरी विधानसभा के नव निर्वाचित हम पार्टी के विधायक रोमित कुमार ने माउंटेन मैन दशरथ मांझी के गहलोर गांव में कई ट्रकों से हजारों महादलित के बीच कई कंबल बांट दिए, इस ठंड में महिला पुरुषों को इस कंबल से काफी राहत मिली है, वह इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी भी शामिल हुए और उन्होंने अपने हाथों से कंबल का वितरण किया।

अस्पताल की दुर्दशा पर भड़के मांझी, सिविल सर्जन और आरडीडी को लगाया फोन

जीतन राम मांझी ने कहा कि जहां दशरथ मांझी ने 22 वर्षों से कठिन परिश्रम से पहाड़ का सिना काट दिया, वहां अब कई सरकार की योजनाएं चल रही है जिसमें अस्पताल भी है.. लेकिन यहां इस अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं है, तो इसके लिए हमने सिविल सर्जन और आरडीडी को फोन किया, लेकिन दोनों ने फोन नहीं उठाया तो हमने उनके दादाजी को फोन किया यानी कि चीफ सेक्रेटरी को,और चीफ सेक्रेटरी ने कहा की एक सप्ताह के अंदर यहां सारी व्यवस्थाएं हो जाएगी।

रेलवे लाईन से भी जुडेगा ये ईलाका, होगा पूर्ण विकास

वही उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को विकास करने के लिए अब रेलवे लाइन से भी जोड़ेंगे जिसका प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अगर सड़के को चौड़ीकरण किया जाना चाहिए तो हम नितिन गडकरी से भी बात करेंगे और चौड़ीकरण करवाएंगे ताकि यहां के लोगों को आराम से सुविधा मिल सके।

महादलितो को फिर मिलेगा इंदिरा आवास

वही दशरथ मांझी के घर से लेकर भींदस मोड तक सड़क के दोनों और जितने भी महादलित समाज के लोग हैं सभी को घरों को इंदिरा आवास के तहत घर बनाए जाएंगे उन्होंने कहा कि पहले भी इंदिरा आवास बना है लेकिन इसमें कमीशन खोरी हुआ है। जो ठीक से नहीं बना, सही से बन जाएगा तो बिहार के लोग जब यहां दशरथ मांझी को देखने आते हैं तो बिहार का नाम अच्छा जाए।

शराब से बच्चों को रखे दूर

वही शराब को लेकर एक बार फिर उन्होंने अपने लोगों को भी जागरूक रहने को कहा, उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े लोग तो रात में पति-पत्नी साथ में पीते हैं लेकिन गरीब लोग इसमें फंस जाते हैं, उन्होंने कहा कि शराब से आप अपने बच्चों को बचाएं।

केन्द्रीयमंत्री ने कहा जब तक सुधारेंगे नहीं तब तक मरेंगे नही

वही दशरथ मांझी को राष्ट्रपति पुरस्कार से सालों से मांग है उन्होंने कहा कि अगर दशरथ मांझी दूसरे जाति के होते उन्हें कई बार अवार्ड मिल जाते । इसके लिए हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी हमने बात किया है जब तक हम दिलाएंगे नहीं जब तक छोड़ेंगे नहीं.. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मांझी ने पहाड़ तोड़ने के बाद कही थी जब तक हम तोड़ेंगे नहीं जब तक छोड़ेंगे नहीं ठीक उसी प्रकार हमने कहा था की जब तक अतरी को सुधारेंगे नहीं तब तक मरेंगे नहीं।

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आशीष कुमार की रिपोर्ट

Saffrn

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