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पटना : विधायक खरीद-फरोख्त का मामला कुछ ज्यादा ही गरम हो गया है। पिछले 11 फरवरी को हरलाखी विधायक सुधांशु शेखर ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बिहार के डीजीपी आरएस भट्टी के आदेश पर मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को दी गई है। जांच का नेतृत्व डीएसपी भास्कर रंजन करेंगे।
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बता दें कि फरीद-फरोख्त करने की कोशिश करने में पूर्व मंत्री नागमणी, राजद प्रवक्ता शक्ति यादव, जदयू विधायक डॉ. संजीव, इंजीनियर सुनील और अखिलेश सहित अन्य का नाम प्राथमिकी में दर्ज है। दर्ज प्राथमिकी में सुधांशु शेखर ने लिखा है कि उन्हें महगठबंधन के पक्ष में वोट करने के लिए पांच करोड़ और काम होने के बाद पांच करोड़ या मंत्री पद देने का ऑफर दिया गया था।
अभिषेक गुप्ता की रिपोर्ट
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