Bihar District Hospital Surgery: बिहार के जिला अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने समीक्षा तेज कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने शुक्रवार को नवादा, किशनगंज, औरंगाबाद, बक्सर, गोपालगंज और जमुई के सदर अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं और सर्जरी की प्रगति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। बैठक में बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत कुमार सेन, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सिर्फ सर्जरी की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं
समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने संबंधित सिविल सर्जनों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पतालों में केवल ऑपरेशन की संख्या बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया जाए। इसके साथ-साथ सर्जरी के प्रकारों में भी विस्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों, ऑपरेशन थिएटर और अस्पतालों में मौजूद संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उद्देश्य यह है कि मरीजों को छोटी-बड़ी सर्जिकल जरूरतों के लिए अनावश्यक रूप से दूसरे बड़े अस्पतालों में रेफर न करना पड़े और जिला स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
छह जिलों में अगस्त की सर्जरी के आंकड़े
अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार छह जिलों के सदर अस्पतालों में सर्जरी की स्थिति अलग-अलग रही। नवादा सदर अस्पताल में 224 सर्जरी सात प्रकार की गईं। बक्सर में 80 सर्जरी सात प्रकार की, गोपालगंज में 80 सर्जरी छह प्रकार की, औरंगाबाद में 38 सर्जरी पांच प्रकार की, जमुई में 89 सर्जरी चार प्रकार की और किशनगंज में 63 सर्जरी चार प्रकार की हुईं। स्वास्थ्य सचिव ने औरंगाबाद, बक्सर और गोपालगंज में पिछले महीनों की तुलना में सर्जरी की संख्या में आई कमी पर नाराजगी जताई। उन्होंने इन अस्पतालों में प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए।
LSCS के साथ सामान्य और जटिल सर्जरी पर जोर
समीक्षा में यह बात सामने आई कि कई सदर अस्पतालों में अभी मुख्य रूप से Lower Segment Caesarean Section (LSCS) जैसी सर्जरी अधिक हो रही हैं। विभाग अब सामान्य सर्जरी के साथ ऑर्थोपेडिक्स, नेत्र रोग और अन्य सर्जिकल सेवाओं का दायरा बढ़ाने पर जोर दे रहा है। स्वास्थ्य सचिव ने विशेषज्ञ चिकित्सकों को सिर्फ ओपीडी सेवाओं तक सीमित नहीं रखने का निर्देश दिया। उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप सर्जिकल सेवाओं का उपयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने, विशेषज्ञ चिकित्सकों के काम की नियमित समीक्षा करने और अस्पतालों में टीम भावना के साथ काम करने की बात कही।

जून से अगस्त के बीच सर्जरी में बड़ी बढ़ोतरी
बिहार के जिला अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं को मजबूत करने के प्रयासों के बीच जून से अगस्त 2026 के दौरान ऑपरेशन की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। जून 2026 में जिला अस्पतालों में कुल 2,428 सर्जरी हुई थीं। जुलाई में यह संख्या बढ़कर 5,650 और अगस्त में 8,209 तक पहुंच गई। जुलाई की तुलना में अगस्त में सर्जरी की संख्या में 45.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अगस्त में वैशाली जिला अस्पताल में 651 सर्जरी हुईं। इसके अलावा पटना में 587, अररिया में 529, मधेपुरा में 494 और भोजपुर में 362 सर्जरी दर्ज की गईं।
सर्जरी के प्रकारों का भी लगातार विस्तार
स्वास्थ्य विभाग का फोकस सिर्फ ऑपरेशन की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। अस्पतालों में उपलब्ध सर्जरी के प्रकारों को भी बढ़ाया जा रहा है। अगस्त 2026 में बेगूसराय जिला अस्पताल में 60 प्रकार की सर्जरी, पटना में 53, नालंदा में 42, भोजपुर में 40 और मुजफ्फरपुर में 33 प्रकार की सर्जरी उपलब्ध कराई गईं। विशेषज्ञ सेवाओं में भी जुलाई की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई। ईएनटी सर्जरी में 471.7 प्रतिशत, ऑर्थोपेडिक्स में 296.2 प्रतिशत, नेत्र रोग संबंधी सर्जरी में 174.3 प्रतिशत और जनरल सर्जरी में 66.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। स्वास्थ्य विभाग का जोर जिला अस्पतालों में उपलब्ध डॉक्टरों, ऑपरेशन थिएटर और अन्य संसाधनों का प्रभावी उपयोग बढ़ाने पर है, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को जिला स्तर पर ही जरूरी सर्जिकल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।




















