रांची : एक दिन पहले ही झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र खत्म हो गया.
स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि बहुत ही दुख के साथ घोषणा करना पड़ रहा है कि
विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया जाता है.
क्योंकि सत्र सुचारू रूप से चल नहीं रहा था और आने वाले व्यवधानों को देखते हुए
सदन की कार्यवाही को आज ही स्थगित किया जाता है.
हंगामेदार रहा सदन की कार्यवाही
बता दें कि झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 29 जुलाई से शुरू हुआ था
और 5 अगस्त तक मानसून सत्र की कार्यवाही होनी थी.
लेकिन सत्र की कार्यवाही एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया.
इस दौरान कुल पांच दिन ही कार्य दिवस हुआ. पूरा सत्र हंगामेदार रहा.
मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने सदन के बाहर और सदन के अंदर हंगामा करते रहे. गुरुवार को भी वेल में आकर बीजेपी विधायकों ने हंगामा किया. जिसके कारण स्पीकर ने एक दिन पहले ही सदन की कार्यवाही स्थगित कर दिया.

वेल में उतरकर बीजेपी विधायकों ने किया हंगामा
इससे पहले प्रभारी मंत्री मिथलेश ठाकुर ने सदन पटल पर कौशल विद्या उद्यमिता, डिजिटल एवं स्किल विश्वविद्यालय विधेयक 2022 सदन पटल पर रखा. वहीं झारखंड उत्पाद संशोधन विधेयक 2022 प्रभारी मंत्री आलमगीर आलम ने सदन के पटल पर रखा. और अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय विधेयक 2022 को भी रखा गया. इस बीच बीजेपी विधायक वेल में उतरकर हंगामा करने लगे. इसके बाद बीजेपी विद्यायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर सदन से बाहर निकल गये.
तीन विधेयकों को सदन में किया गया पेश
भोजनावकाश के बाद सभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे शुरू होने पर सरकार की ओर से तीन विधेयकों को सदन में पेश किया गया, जिसे ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी गयी. सभा में आज जिन तीन विधेयकों को मंजूरी प्रदान की गयी, उनमें कौशल विद्या, उद्यमिता, डिजिटल एवं स्किल विश्वविद्यालय विधेयक 2022, अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय विधेयक 2022 और झारखंड उत्पाद संशोधन विधेयक 2022 शामिल है. तीनों विधेयकों के पारित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किये जाने की घोषणा की गयी.
पक्ष-विपक्ष के कई सवालों का सरकार ने दिया जवाब
इससे पहले पहली पाली में प्रश्नोत्तरकाल शुरू होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा के चार निलंबित सदस्यों के निलंबन को वापस लेने की घोषणा की, वहीं विधानसभा में प्रश्नोत्तरकाल के दौरान सरकार की ओर से पक्ष-विपक्ष के कई सवालों पर जवाब दिया गया. जबकि वित्तमंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने भारत की नियंत्रक-महालेखा परीक्षक का झारखंड राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों सहित सामान्य, सामाजिक, आर्थिक एवं राजस्त्र प्रक्षेत्रों का लेखा परीक्षा प्रतिवेदन की एक प्रति सभा पटल पर रखी.
रिपोर्ट: मदन सिंह
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