सांसदों की बनेगी डिजीटल हाजरी, लेट करने पर कटेगी सैलरी और भत्ता
22 Scope News Desk : उत्तरप्रदेश में ऑल इंडिया प्रजाईडिंग ऑफिसर्स कॉन्फरेंस में लोक सभाध्यक्ष ओम बिड़ला ने संबोधित करते हुये कहा कि पीठासीन अधिकारियों के निष्पक्ष आचरण पर जोर दिया और विधानसभाओं में कम बैठने के दिनों पर चिंता व्यक्त की। अध्यक्ष ने कहा कि AI और तकनीक के मदद से सदन की सारी चीजें डिजीटल की जा रही है।
लेट से आने वाले सांसदों की कटेगा वेतन
हमारी कोशिश है कि मानसून सत्र में सदन की कार्यवाही के संवाद को पूरी तरह एआई संचालित की जा सके। लोक सभा अध्यक्ष ने कहा कि सांसदों की हाजरी भी पूर्ण रूप से डिजिटल तरीके से लग पायेगी। अब सांसदों को समय पर संसद में आना होगा। यदि कोई सांसद देरी से आता है और हंगामे या किसी और कारण से संसद दिन भर बाधित रहा तो माननीय की हाजिरी उस दिन नही लग पायेगी और उन्हें उस दिन का वेतन और भत्ता से भी हाथ धोना पड़ेगा।
एआई का इस्तेमाल परीक्षण के तौर पर जारी
ऐसे में जो सदस्य रजिस्टर पर हाजिरी लगा कर चले जाते थे या सदन स्थगित होने के बाद पहुँचते थे,उनकी मुश्किले बढ़ेगी। अध्यक्ष ने कहा कि अभी एआई का इस्तेमाल परीक्षण के तौर पर चल रहा है और माननीयों के भाषणों के अनुवाद में इसका इस्तेमाल हो रहा है। जिसकी सटीकता अभी 80 प्रतिशत तक है। इसके पूर्ण रूप से इस्तेमाल होने पर कार्यवाही का ब्यौरा वेबसाईट पर अपलोड होने में आधा घंटा लगेगा।
वर्ष में न्यूनतम 30 दिन चलेगा सदन की कार्यवाही
लोकसभा अध्यक्ष ने विधानसभाओं में कम बैठने के दिनों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि वर्ष में विधानसभा के संचालन की न्यूनतम अवधि निश्चित होनी चाहिये, इस बात पर भी सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है और साल में न्यूनतम 30 दिनों तक सदन का संचालन हो सके। जिससे विधायी प्रक्रियाओं में तेजी और पारदर्शिता के साथ साथ जबाबदेही भी बढ़ेगी। जिससे जनता के हित में फैसले लेने में सहुलियत हो।
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