जम्मू-कश्मीर( J & K) अभियान समिति का प्रमुख बनाने का प्रस्ताव ठुकराया
नई दिल्ली : कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद को
जम्मू – कश्मीर (J & K ) में पार्टी की प्रचार समिति का प्रमुख नियुक्त किया
लेकिन चंद घंटे के भीतर आजाद ने पार्टी के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया.
जिसके बाद कांग्रेस का अंतर्कलह एकबार फिर सतह पर आता दिख रहा है.
कुछ घंटे के भीतर ही आजाद ही ठुकराया पेशकश
जम्मू – कश्मीर में आगामी चुनाव के लिए राज्य की सभी पार्टियां अपने सांगठनिक मजबूती पर जोर दे रही हैं.
इसी क्रम में कांग्रेस ने राज्य के संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए गुलाम नबी आजाद को
बड़ी जिम्मेदारी की पेशकश करते हुए प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया
लेकिन कुछ घंटे के भीतर ही आजाद ने इस पेशकश को मानने से इनकार कर दिया.
उन्होंने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पार्टी नेतृत्व को इस पेशकश के लिए धन्यवाद दिया.
सोनिया गांधी ने सात कमेटियों का किया गठन
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने जम्मू – कश्मीर कांग्रेस कमेटी (JKPCC) के लिए चुनाव अभियान समिति और
राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) सहित सात कमेटियों का गठन किया. कांग्रेस ने
जम्मू – कश्मीर के लिए समन्वय समिति, घोषणापत्र समिति, प्रचार एवं प्रकाशन समिति,
अनुशासन समिति और प्रदेश चुनाव समिति का गठन किया है.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से आजाद ने दे दिया था इस्तीफा
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के ‘जी 23’ समूह का प्रमुख चेहरा रहे गुलाम नबी आजाद ने
जम्मू – कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JKPCC) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.
जिसके बाद संगठन में कई बदलाव किए गए और आजाद को नयी जिम्मेदारी दी गई.
बताया जाता है कि आजाद कांग्रेस नेतृत्व की नियुक्तियों से खुश नहीं थे.
अनंतनाग जिले के कांग्रेस अध्यक्ष गुलजार अहमद वानी ने पीसीसी चीफ की
नियुक्ति से आजाद नाखुश थे, इसलिए उन्होंने इस्तीफा दिया.
संगठनात्मक बदलाव की मांग करते रहे हैं गुलाम नबी आजाद
कांग्रेस में जी-23 के सदस्य के तौर पर गुलाम नबी आजाद लंबे समय से पार्टी नेतृत्व की
कड़ी आलोचना करते हुए पार्टी में संगठनात्मक बदलाव की मांग करते रहे हैं.
राज्यसभा से सेवानिवृत्ति के बाद आजाद को पार्टी ने दोबारा उच्च सदन में नहीं भेजा.