अशोक पेपर मिल की 280 एकड़ जमीन अधिग्रहित कर नए उद्योगों की स्थापना करेगी एनडीए सरकार – सम्राट चौधरी
दरभंगा : बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी की मजबूत बुनियाद खड़ी करने के बाद अब सरकार का पूरा फोकस रोजगार पर है। इसके लिए बिहार में उद्योग का जाल बिछाया जा रहा है। लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में ऐसा बिहार बने, जहां से मजदूरी के लिए लोगों को पलायन नहीं करना पड़े। बिहार के लोगों को बिहार में ही रोजगार मिले। इसी कड़ी में अशोक पेपर मिल की 280 एकड़ जमीन सरकार अधिग्रहित कर नए उद्योगों की स्थापना करेंगी।

दरभंगा में बुनियादी ढांचे का विस्तार, एम्स, एयरपोर्ट के बाद अब, मेट्रो के लिए डीपीआर हो रहा है तैयार
श्री चौधरी ने कहा-बिहार को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है।
समृद्धि यात्रा के तहत मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के साथ दरभंगा पहुंचे उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने नागेन्द्र झा स्टेडियम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि-केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से दरभंगा का तेजी से कायाकल्प हो रहा है। शहर के आधारभूत ढांचे के विकास से लेकर एम्स और एयरपोर्ट जैसी बड़ी परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। दरभंगा मेट्रो सेवा के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। श्री चौधरी ने ऐलान किया कि अगले एक साल में दरभंगा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी चालू हो जाएगा।
सरकार का फोकस उद्योग और रोजगार पर, बिहार में उद्योग का जाल बिछाकर पलायन रोकने की पहल
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले पटना से दरभंगा आने में सात घंटे का समय लगता था। उत्तर बिहार की नदियों और पुलों की स्थिति ऐसी थी कि गंगा पार करना भी चुनौती भरा होता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सड़कों के लिए हुए शानदार काम का परिणाम है कि आज पटना से दरभंगा की दूरी महज दो घंटे में तय की जा रही है। सुशासन और बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से दरभंगा और आसपास के इलाकों में उद्योग लगाने की खूब मांग हो रही है।
कोशी नदी के बेहतर प्रबंधन से बाढ़ से राहत, चार लाख एकड़ भूमि सिंचित
उपमुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा-2007-08 में नेपाल से 1 लाख 92 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कोसी क्षेत्र के अधिकांश जिलों में भीषण बाढ़ आई थी, लेकिन योजनाबद्ध जल प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के चलते 2024 में साढ़े छह लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बावजूद महज 156 गांव बाढ़ से प्रभावित हुआ। आज कोसी से चार लाख एकड़ भूमि सिंचित हो रही है। कोशी-मेची लिंक परियोजना, बांधों की ऊंचाई बढ़ाने और नियमित मरम्मत से बाढ़ का डर खत्म हुआ है।
बिजली व्यवस्था में व्यापक सुधार, 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली, 1.7 करोड़ उपभोक्ताओं का बिल शून्य
2005 से पहले शहरों में भी पांच घंटे बिजली नहीं मिलती थी, आज गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के फैसले से 1 करोड़ 90 लाख उपभोक्ताओं में से 1 करोड़ 70 लाख उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य है। यह बदला हुआ बिहार है, जहां विकास का लाभ गरीब-अमीर, पक्ष-विपक्ष सभी को मिल रहा है।
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