पटना : जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रदेश कार्यालय पटना में बुधवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, भवन निर्माण मंत्री जयंत राज और शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे आमजनों की समस्याओं से रूबरू हुए एवं उनके त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ ‘गांधीजी’ एवं प्रोफेसर नवीन आर्य चंद्रवंशी मौजूद रहे।
इस दौरान ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि नीतीश सरकार ने आधी आबादी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है। राज्य में 10 लाख 81 हजार से अधिक जीविका समूहों से जुड़कर एक करोड़ 30 लाख से अधिक महिलाएं सशक्त हुई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पंचायती राज और स्थानीय निकायों में 50 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है। साथी ही सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री महिला संवाद यात्रा के जरिए महिलाओं के लिए चल रही विकास योजनाओं का जाएजा लेंगे।
CM नीतीश जरूरत का खर्च कर रहें तो तेजस्वी को हो रहा है कष्ट – जयंत राज
भवन निर्माण मंत्री जयंत राज ने कहा कि अभी चार सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव में जनता ने विपक्ष का पूरी तरह से सफाया कर दिया। इससे स्पष्ट होता है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की यात्रा का आगे भी कोई राजनीतिक असर नहीं पड़ने वाला है। बिहार की जनता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकासकार्यों से प्रभावित है और राजद के बहकावे में कोई नहीं आने वाला है। नीतीश कुमार की महिला संवाद यात्रा पर 225 करोड़ रुपए खर्च होने को लेकर के तेजस्वी ने सवाल उठाया तो बिहार सरकार के मंत्री जयंत राज ने कहा कि अगर कोई जरूरत का खर्च है तो नीतीश महिला संवाद यात्रा में जा रहे हैं तो तेजस्वी यादव को कष्ट क्यों हो रहा है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के होने के कारण कई योजनाएं चल रही है। उस योजनाओं का फीडबैक लेने के लिए मुख्यमंत्री लगातार यात्रा कर रहे हैं। आज से तेजस्वी यादव की यात्रा शुरू होने पर मंत्री ने कहा कि उपचुनाव में जनता ने तेजस्वी यादव को फीडबैक दे दिया है। सभी पार्टी अपनी अपनी यात्रा करती है वह भी अपनी यात्रा कर रहे हैं। वैसे जनता ने फीडबैक दे दिया है।
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जिस शिक्षक के वेतन में कटौती हुआ है उन्हें घबराने की जरूरत नहीं – सुनील कुमार
वहीं शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि जिन शिक्षकों के वेतन में कटौती हुआ है वो जांच के लिए पुनः अपना आवेदन दे सकते हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। जिन शिक्षकों का वेतन कटा है उनके लिए हम जिलेवार समीक्षा कर रहे हैं। यहां सही है वहां उन शिक्षकों की सैलरी हमारी कोशिश रहेगी कि उन्हें लौटा दिया जाए। मगर जो लोग गलत हैं, उन्हें उनकी सैलरी नहीं मिलेगी।आगे उन्होंने कहा कि वैसे शिक्षक जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं पीड़ित हैं और फिर विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखकर से ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू की गई है। शेष सक्षमता परीक्षा पूरी होने के बाद सामान्य शिक्षकों के लिए सरल एवं उदार ट्रांसफर-पोस्टिंग नीति अमल में लाई जाएगी।

सुनील कुमार ने कहा कि एक तारीख से शिक्षकों के ट्रांसफर पोस्टिंग की जो प्रक्रिया हुई है उसमें सिर्फ वैसे ही लोगों का ट्रांसफर हो रहा है जो असाध्य रोग से पीड़ित हैं। जो सामान्य ट्रांसफर की प्रक्रिया है वह सक्ष्मता परीक्षा तीन कंप्लीट होने के बाद ही पूरी की जाएगी। वहीं हमारे पास शक्ति रहती है कि यदि कोई पूर्व में गलत प्रेरणा लिया गया है तो उन्हें समीक्षा करके सही किया जा सके। साथ ही साथ शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहले जो हर महीने स्कूलों में एग्जाम लिया जाता था अब उसे हर तीन महीने पर लिया जाएगा। हर महीने एक करोड़ 80 लाख रुपए स्टूडेंट का परीक्षा करवाना व्यावहारिक नहीं था और इसमें बहुत सारी टेक्निकल दिक्कतें आती थी। इसलिए सरकार ने यह फैसला लिया है और इसके लिए हमने फाइल पर साइन भी कर दिया है।
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