अब IO जब्त करेंगे अपराधियों की अवैध संपत्ति, DGP ने कहा 20-25 वर्ष पहले होती थी…’

पटना: IO जब्त करेंगे अपराधियों की अवैध संपत्ति-  बिहार में बढ़ते आपराधिक घटनाओं को लेकर एक तरफ जहां लगातार सियासत होती है तो दूसरी तरफ बिहार पुलिस पर सवाल भी उठने लगे हैं। हालांकि बिहार की सत्ताधारी दल और बिहार पुलिस लगातार आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले पर सख्त कार्रवाई करते हैं।

बिहार पुलिस अपराधियों के विरुद्ध सख्ती से कार्रर्वाई का लगातार दावा करती है और पिछले दो तीन दिनों में बिहार में कई मुठभेड़ की घटना से पुलिस ने यह संदेश देने की भी कोशिश की है कि अगर अपराधी मानने के लिए तैयार नहीं हुए तो फिर पुलिस हर रास्ता अख्तियार करने के लिए तैयार है। सोमवार को पुलिस मुख्यालय में डीजीपी विनय कुमार ने एक प्रेस वार्ता की।

IO सीधे करेंगे अपराधियों की संपत्ति जब्त

प्रेस वार्ता के दौरान डीजीपी ने कहा कि अब अपराध के माध्यम से अर्जित संपत्ति को पुलिस जब्त करेगी। उन्होंने कहा कि पहले भी अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान था लेकिन यह आर्थिक अपराध इकाई और ईडी के माध्यम से किया जाता था लेकिन अब केस के अनुसंधानकर्ता (IO)  को यह पॉवर दी गई है। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध इकाई और ईडी के माध्यम से अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया में काफी समय लगता था लेकिन अब केस के IO अपने एसएचओ, सर्किल इंस्पेक्टर, एसडीपीओ और एसपी से अनुमोदन लेकर अपराधियों की संपत्ति सीधे कोर्ट में अटैच कर सकेंगे।

चिह्नित अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया की जा रही शुरू

डीजीपी ने बताया कि 2024 से अब तक राज्य के 1272 ऐसे अपराधियों की पहचान की गई है जिनकी संपति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए 1249 थानों को निर्देशित किया गया है। डीजीपी ने कहा कि राज्य की पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और अपराधियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों पर सीधा प्रहार किया जा रहा है इससे उनका मनोबल टूटेगा। इसके साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार में लिप्त विभागीय कर्मियों पर भी कार्रवाई की बात कही और बताया कि विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत 6 तरह के सजा का प्रावधान है जिसमें अधिकतम तीन वर्षों तक की सजा हो सकती है।

साइबर अपराध से निपटने में मैनपावर की कमी

डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि इन दिनों साइबर अपराध के मामले में काफी बढ़ोतरी आई है। साइबर अपराध की संख्या को देखते हुए सभी जिलों में साइबर थाना खोला गया है लेकिन मैनपावर में कमी की वजह से मामलों से निपटने में थोड़ी दिक्कत आ रही है। जल्दी ही इस कमी को पूरा कर लिया जायेगा। डीजीपी ने बताया कि गंभीर मामलों में स्पीडी ट्रायल के तहत आरोपियों को सजा दिलाने के लिए समीक्षा की जा रही है। ऐसे मामलों में गवाहों को कोर्ट तक लाने की जिम्मेदारी पुलिस की होगी।

हत्या जैसे अपराध खत्म करने की कोशिश

डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि आज से 20-25 वर्ष पहले राज्य में हत्या, अपहरण के मामले काफी अधिक थे, लेकिन इसमें काफी कमी आई है। एक भी हत्या समाज के लिए असहनीय है और हमारी कोशिश है कि हत्या जैसी घटनाएं पूरी तरह से खत्म हो जाये।

2025 में घटी इतनी घटनाएं

प्रेस वार्ता के दौरान डीजीपी ने राज्य में वर्ष 2025 में मई महीने तक आपराधिक घटनाओं की संख्या भी बताई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में जनवरी से मई तक में 155246 अपराध के मामले दर्ज किये गये हैं जो कि 2024 के इतने ही समय तक में 18909 अधिक है। आपराधिक मामलों में कमी लाने के लिए लिए जनवरी से अप्रैल तक पुलिस ने 97439 वारंट प्राप्त किये जबकि पूर्व से 61105 वारंट लंबित थे। पुलिस ने कुल 158544 मामलों में से 87104 मामलों का निष्पादन किया है। अप्रैल तक में 4082 कुर्की भी की है।

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