अब गांव-जिले में मिलेगा सुपर स्पेशियलिटी इलाज, स्वास्थ्य क्रांति की तैयारी

पटना : आगामी पांच वर्षों में राज्य के सभी जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सूरत संवर जाएगी। यहां गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञों के साथ इलाज की कई अत्याधुनिक सुविधाओं को लागू कर दिया जाएगा। इससे शहर से लेकर गांव तक गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को सही इलाज के लिए इधर-उधर भागदौड़ करने से छुटकारा मिलेगा। राज्य स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार के इस कदम से रोगियों को उनके आसपास ही कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मुनासिब हो सकेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार के संकल्प सात निश्चय-3 सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन अभियान के तहत किया जाएगा।

मरीजों की बड़ी राहत

आपको बता दें कि 16 दिसंबर 2024 को बिहार सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य के सभी 534 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को स्पेशियलिटी हॉस्पिटल व 36 जिला अस्पतालों (DH) को सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में तब्दील किया जाना है। इसके बाद यहां मरीजों के इलाज के लिए विशेषज्ञ, अत्याधुनिक जांच और दवा की सुविधाओं में तेजी से विकास होगा। सरकार के निर्णय के अनुसार उपरोक्त सभी स्वास्थ्य सुविधाओं को वर्ष 2025 से 2030 के बीच लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

CHC में बढ़ने वाली सुविधा

प्रखंड स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाने के बाद यहां क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, डाइटिशियन, डेंटल, आयुष स्पेशलिस्ट, फिजिशियन, फार्मासिस्ट, यूरोलॉजी टेक्निशियन, ईसीजी टेक्निशियन, डेंटल असिस्टेंट, ओटी असिस्टेंट या ओटी टेक्निशियन की सुविधा बढ़ जाएगी।

जिला अस्पतालों में बढ़ने वाली सुविधा

वहीं, जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाए जाने के बाद यहां इंडोक्रोनोलॉजिस्ट, न्यूरो फिजिशियन, कॉर्डियोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट की सुविधा बढ़ जाएगी। इसी के साथ प्रत्येक जिला अस्पताल में डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) की स्थापना की जाएगी जहां शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात बीमारियों की पहचान और इलाज की सुविधा होगी।

DEIC की होगी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से निगरानी

जिला अस्पतालों में बनाए जाने वाले सभी डीईआईसी का पटना स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) से सीधा जुड़ाव होगा। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से डीईआईसी पर दी जाने वाली सुविधाओं और गुणवत्ता की नियमित तौर पर निगरानी की जाएगी। इसके लिए इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पर भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ, फार्मासिस्ट और तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती होगी। साथ ही बच्चों की बीमारी में निदान और स्वास्थ्य से जुड़ीं दूसरी समस्याओं को लेकर प्रशिक्षण, शोध आदि की सुविधा होगी ताकि स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिले सके।

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