सेंट्रल लाइब्रेरी से मुक्तिधाम तक निकलेगी यात्रा
रांची : 21 दिसंबर को जेपीएससी का शव यात्रा जेपीएससी अभ्यर्थी निकालेंगे. यह यात्रा सेंट्रल लाइब्रेरी से मुक्तिधाम तक निकलेगी. उसके बाद मुक्तिधाम में दाह संस्कार किया जायेगा. उक्त बातें झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्षक देवेंद्र नाथ महतो ने कही. बता दें कि सातवीं से दसवीं जेपीएससी पीटी परीक्षाफल रद्द करने की मांग को लेकर झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन (जेएसएसयू) के आंदोलन का आज 49वां दिन है.
रविवार को जेएसएसयू ने राजभवन के समक्ष मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 12वें महाधिवेशन में झामुमो झारखंडी खतियान धारी आदिवासी मूलवासी को बाहरी कहा है. जबकि आबुआ राज स्थापित इन्हीं झारखंड के वासियों ने किया था. अब सत्ता में बैठकर यही झामुमो की सरकार झारखंडी आदिवासी मूलवासी खतियान धारी को बाहरी कह रही है.
उन्होंने कहा कि जेपीएससी में गड़बड़ी हुई है, इस बात का जेपीएससी सार्वजनिक रूप से स्वीकार भी किया है. बिना कॉपी जांच किए सेटिंग से पास कर दिया था, जिसे आंदोलन के बाद बाहर किया गया. ये गड़बड़ी तो सिर्फ नमूना मात्र है. अब झारखंड के छात्रों के न्याय को देखते हुए जांच और सबूत का बात ना करते हुए अब सीधे परीक्षाफल को रद्द किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि अगर जेपीएससी सही है तो परीक्षाफल के 49 दिन बीतने के बावजूद पब्लिक डोमेन में ओएमआर अपलोड क्यों नहीं किया गया है. अगर सरकार सही है तो फिर जेपीएससी पर जांच कराकर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है. सरकार जेपीएससी पर कार्रवाई करने के बजाय जाति, धर्म, बाहरी भीतरी का कार्ड खेल रही है. दो वर्षाें तक एक स्थानीय नीति नहीं बना सके और बाहरी भीतरी जाति धर्म का कार्ड खेल रहें हैं. आज जेपीएससी आंदोलनकारी झारखंड का पहचान अपना खतियान दिखा रहें है. सरकार अपना अधिकारी कर्मचारी से जांच कराएं और ये भी जांच कराकर बताएं कि वर्तमान सरकार में बनाया गया जेपीएसएससी के अध्यक्ष, सचिव और सदस्य कहां के रहने वाले हैं? और सभी का झारखंडी का पहचान खतियान भी सार्वजनिक किया जाय. मौके यूनियन के अध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो, महासचिव मनोज यादव सहित कई लोग शामिल रहे.
रिपोर्ट: शाहनवाज
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