एक दिन, एक करोड़ लोग और एक लक्ष्य, 11 फरवरी को फाइलेरिया पर निर्णायक हमला

पटना : राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत 11 फरवरी को राज्यभर में चलाए जाने वाले मेगा-अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने वृहद तैयारी की है। इस निर्णय के अनुसार राज्य में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बूथ के माध्यम से करीब एक करोड़ जीविका दीदी और उनके परिवार के सदस्यों को एक दिन में फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल के तहत ही विभाग ने पब्लिक हेल्थ कार्यक्रम का विश्व रिकॉर्ड कायम करने की योजना बनाई है।

राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 10 से 28 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जाएगा

बिहार राज्य के 34 जिलों में चलाए जाने वाले राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 10 से 28 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसी के तहत 11 फरवरी को 34 जिलों में 40 हजार आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य संस्थाओं के माध्यम से फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने की दिशा में मेगा-अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। विभाग का मानना है कि अभियान के तहत अगर सिर्फ जीविका दीदी और उसके परिवार के सदस्यों को फाइलेरिया उन्मूलन के लिए दवा का डोज खिला दिया जाता है तो कुल लक्षित 8.97 करोड़ का 30 से 40 प्रतिशत सामूहिक दवा आच्छादन होगा। यह किसी भी पब्लिक हेल्थ कार्यक्रम का विश्व रिकॉर्ड होगा।

महा-अभियान में पंचायती राज, ICDS, शिक्षा विभाग के साथ-साथ दूसरे विभागों का भी सहयोग लिया जा रहा है

कार्यक्रम की सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पाण्डेय, अपर कार्यपालक निदेशक कुमार गौरव, अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी फाइलेरिया और दूसरे पदाधिकारियों की ओर से लगातार आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। महा-अभियान में पंचायती राज, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग के साथ-साथ दूसरे विभागों का भी सहयोग लिया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी विभागों से सामंजस्य स्थापित कर रहे हैं।

8.97 करोड़ आबादी को कराया जाएगा प्रत्यक्ष दवा का सेवन

फाइलेरिया उन्मूलन के राज्य सलाहकार डॉ अनुज सिंह रावत ने बताया कि इस वर्ष चलाए जाने वाले सर्वजन दवा सेवन अभियान के दौरान कुल 17 दिनों में 8.97 करोड़ आबादी को प्रत्यक्ष दवा सेवन करने का लक्ष्य निर्धारित है। इस महा-अभियान की सफलता के लिए राज्य स्तर पर कई ठोस कदम उठाए गए हैं। इसके तहत इस बार 19 जिलों बांका, भागलपुर, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, जहानाबाद, कटिहार, खगरिया, कैमूर, मुंगेर, सीतामढ़ी, सुपौल, सीवान, भोजपुर, बक्सर, मधुबनी, नालंदा, नवादा और पटना में दो दवा एल्बेंडाजोल और डीइसी खिलाई जाएगी। साथ ही 15 जिलों औरंगाबाद, बेगूसराय, गया, जमुई, मुजफ्फरपुर, सारण, शिवहर, शेखपुरा, सहरसा, वैशाली, दरभंगा, लखीसराय, पूर्णियां, रोहतास और समस्तीपुर में तीन दवा आइवरमेक्टिन,एल्बेंडाजोल और डीइसी का सेवन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में कराया जाएगा।

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