Article 356 का दुरुपयोग रोकने को लाया गया वन नेशन वन इलेक्शन बिल, नड्डा ने किया खुलासा

डिजिटल डेस्क : Article 356 का दुरुपयोग रोकने को लाया गया वन नेशन वन इलेक्शन बिल, नड्डा ने किया खुलासा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार राज्यसभा में बहस के दौरान लोकसभा में पेश वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर खुलासा भी किया।

उन्होंने राज्यसभा में एक विषय पर बहस के दौरान स्पष्ट किया कि Article 356 के दुरुपयोग को रोकने के लिए वन नेशन-वन इलेक्शन बिल लाया गया है। Article 356 राष्ट्रपति शासन से संबंधित है, जहां राज्यपाल की सिफारिश पर केंद्र राष्ट्रपति शासन लगाती है।

नड्डा बोले – कांंग्रेस ने दुरुपयोग कर Article 356 के स्ट्रक्चर को किया खराब…

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आगे कहा कि – ‘…कांग्रेस ने Article 356 का दुरुपयोग कर पूरे स्ट्रक्चर को ही खराब कर दिया है। कांग्रेस शासन में कुल 90 बार इस अनुच्छेद का दुरुपयोग किया गया। सबसे ज्यादा इंदिरा गांधी ने 50 बार Article 356 का इस्तेमाल किया। आपातकाल को लोग भूले नहीं है।

…तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 8 बार, राजीव गांधी ने 9 बार और मनमोहन सिंह ने 10 बार अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किया। इसे ठीक करने के लिए ही वन नेशन वन इलेक्शन का बिल लाया गया है।

…कांग्रेस की पूववर्ती सरकारों द्वारा अनुच्छेद-356 के बार-बार किए गए दुरुपयोग के इतिहास को देखते हुए सरकार ने एक देश, एक चुनाव विधेयक लाने का फैसला किया है’।

J P Nadda File Photo
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राज्यसभा में संविधान पर बहस  के दौरान जेपी नड्डा ने वन नेशन वन इलेक्शन पर दिया अहम वक्तव्य…

राज्यसभा में संविधान पर बहस के दौरान बोलते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि – ‘…आज आप एक देश, एक चुनाव के विरोध में खड़े हो रहे हैं। आपके (कांग्रेस के ) कारण ही एक देश, एक चुनाव लाना पड़ रहा है. क्योंकि 1952 से 1967 तक देश में एक साथ ही चुनाव होते थे।

…आपने (कांग्रेस ने) Article 356 के इस्तेमाल से राज्यों की चुनी हुई सरकारों को बार-बार गिराया और ऐसा कर आपने कई राज्यों में अलग-अलग चुनाव की स्थिति लाकर खड़ी कर दी।

पश्चिमी पाकिस्तान से आए हुए मनमोहन सिंह, इन्द्र कुमार गुजराल भारत के प्रधानमंत्री बने तथा लालकृष्ण आडवाणी भी पश्चिमी पाकिस्तान से आए थे और वह भारत के उप-प्रधानमंत्री बने… लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि पीओके से आया हुआ व्यक्ति जम्मू कश्मीर की विधानसभा का सदस्य नहीं बन सकता था।

…वह पंचायत का चुनाव नहीं लड़ सकता था। यहां तक कि उस व्यक्ति को वोट देने की भी अनु​मति नहीं थी।  नरेंद्र मोदी की सरकार ने इसे ठीक किया और आज जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया है’।

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भाजपा के सहयोगी दलों ने वन नेशन वन इलेक्शन बिल का खुलकर किया समर्थन…

एनडीए की सहयोगी पार्टियों तेदेपा, जदयू और शिवसेना ने इस विधेयक का समर्थन किया। तेदेपा पार्टी के सांसद चंद्रशेखर पेम्मासानी ने विधेयक के समर्थन में बोलते हुए लोकसभा में कहा कि –‘…हमारी पार्टी के नेता राष्ट्र निर्माण के समर्थक रहे हैं। हमारी पार्टी का मानना है कि आज तकनीक और मीडिया के युग में चुनाव अभियान क्षेत्रीय नहीं रह गया है और अब इसका असर पूरे देश पर होता है।

..इसलिए पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने का फैसला सही है और हमारी पार्टी इसका समर्थन करती है’। जनता दल (यूनाइटेड) ने ‘एक देश, एक चुनाव’ विधेयक को देश हित में करार दिया और कहा कि लोकसभा में इसे पेश किए जाने के दौरान कांग्रेस का रवैया बेहद ‘दुर्भाग्यपूर्ण’  है।

जद (यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि –‘… हमारी पार्टी पहले से ही इस विधेयक के समर्थन में रही है। इस फैसले से लोकतंत्र में मजबूती आएगी एवं सरकार की योजनाओं और नीतियों में निरंतरता बनी रहेगी। साथ ही बार-बार चुनाव में होने वाली फिजूल खर्ची पर भी रोक लगेगी।

…आजादी के बाद कई वर्षों तक देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ-साथ होते थे लेकिन असमय राज्य सरकारों के पतन और विधानसभाओं के चुनाव की वजह से हर समय देश के किसी न किसी राज्य में चुनाव होने लगे। अगर एक बार फिर से यह लागू होता है तो भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और निर्वाचन तंत्र की निष्पक्षता को बनाए रखने में कारगर साबित होगा।’

Saffrn

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