रांची के कांटाटोली में खुले नाले में बहने से दो वर्षीय बच्चे की मौत, मां ने एक बेटे को बचाया, दूसरे की डूबने से गई जान, नगर निगम पर उठे सवाल।
Open Drain Tragedy रांची: रांची में खुले नालों की लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। राजधानी के कांटाटोली स्थित मौलाना आजाद कॉलोनी रोड नंबर सात में मंगलवार को फुटबॉल खेलते हुए नाले में बह गए दो मासूम बच्चों में से दो वर्षीय मो फरहान की डूबने से मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा दिन के करीब 11 बजे हुआ। बच्चों को बहता देख उनकी मां ने जान की परवाह किए बिना नाले में छलांग लगा दी। उन्होंने बड़े बेटे मो अरहान को तो बचा लिया, लेकिन छोटे बेटे मो फरहान का हाथ छूट गया और वह पानी में समा गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। गोताखोरों की मदद से बच्चे को नाले से निकालकर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद पूरे मोहल्ले में शोक की लहर फैल गई।
Open Drain Tragedy: मां की आंखों के सामने छूटा मासूम का हाथ
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मो अरहान और मो फरहान फुटबॉल खेलते हुए फिसलकर नाले में गिर गए। बच्चों की चीख सुनकर मां दौड़ती हुई आई और बहते पानी में कूद गई। उन्होंने दोनों बच्चों का हाथ पकड़ा, लेकिन तेज बहाव के कारण मो फरहान उनकी पकड़ से छूट गया। अत्यधिक पानी पेट में चले जाने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बच्चे के पिता मो अरसद मजदूरी करते हैं, जबकि दादा मो सलीम गैरेज चलाते हैं।
Key Highlights
कांटाटोली में खुले नाले में डूबने से दो वर्षीय बच्चे की मौत
मां ने नाले में कूदकर एक बेटे की बचाई जान
फुटबॉल खेलते समय हुआ दर्दनाक हादसा
खुले नालों को लेकर फिर सवालों में नगर निगम
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद कई नाले अब भी खुले
Open Drain Tragedy: खुले नाले बने शहर के लिए खतरा
जिस नाले में यह हादसा हुआ, उसे पहले तार लगाकर घेरने की योजना थी, लेकिन यह काम अब तक नहीं हो सका। यही लापरवाही इस दर्दनाक हादसे की वजह बनी। रांची में इससे पहले भी खुले नालों में गिरने से कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद खतरनाक नालों को ढंकने का काम अधूरा है।
Open Drain Tragedy: हाईकोर्ट के आदेश भी बेअसर
शहर में खुले नालों से हो रही मौतों पर झारखंड हाईकोर्ट पहले ही सख्त टिप्पणी कर चुका है। हाईकोर्ट ने नगर निगम को ऐसे सभी खुले नालों को ढंकने का आदेश दिया था, जिनसे जान का खतरा है। वर्ष 2019 में हिदपीढ़ी की बच्ची के बहने के बाद पूरे शहर के नालों का सर्वे भी कराया गया और सरकार से 15 करोड़ रुपये की राशि मिली, लेकिन इसके बावजूद कई इलाकों में खुले नाले अब भी मौत का जाल बने हुए हैं।
रांची नगर निगम के प्रशासक सुशांत गौरव ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि नाला काफी बड़ा है और यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है। निगम की ओर से एस्टीमेट बनाकर विभाग को भेजा जाएगा और जल्द ही टीम स्थल का निरीक्षण करेगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि यदि कहीं डेंजर जोन या खुले नाले हों, तो निगम को इसकी जानकारी दें।
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