कोयला वितरण प्रणाली

कोल इंडिया की दोहरी नीति से सॉफ्ट कोक इंडस्ट्री में आक्रोश

Dhanbad-कोल इंडिया की नई कोयला वितरण प्रणाली SSA के द्वारा की गयी अनदेखी से धनबाद जिले के सॉफ्ट कोक एसोशिएसन में काफी नाराजगी है. कोल इंडिया ने इसके खिलाफ मोर्चा खोलने का मन बना लिया है, अब इसके खिलाफ कोलकाता हाई कोर्ट में जन हित याचिका दायर करने की भी घोषणा की गयी है. बतलाया जा रहा है कि पुरानी नीति में सॉफ्ट कोक उद्योगों को कम कीमत पर कोयले का लिंकेज मिल रहा था, नई नीति में इसे हार्डकोक इंडस्ट्रीज एवं SAF उद्योगों तक ही सीमित कर दिया गया है.

नई कोयला वितरण प्रणाली के व्यवसायियों में आक्रोश

एसोशिएशन से जुड़े व्यवसायियों ने बरवाअड्डा में बैठक कर विरोध की रणनीति बनायी है, एसोसिएशन के नेता ऋषिकेश झा ने कहा है कि धनबाद जिले में चल रहे सैकड़ों सॉफ्ट कोक भट्ठा संचालकों को बीसीसीएल एवं इसीएल के द्वारा ट्रेंच फाइव के तहत ऑन लाइन ऑक्शन में भाग लेने से वंचित कर दिया गया है.

व्यवसायियों का आरोप है कि उनके साथ पक्षपात कर हार्डकोक

और एस एस एफ उद्योग को ही बीसीसीएल

और सीसीएल से कोयला आवंटन में भाग लेने की अनुमती दी गई है.

उनके लाइसेंस समझौते में इस बात का जिक्र है कि

उन्हें स्थानीय स्तर पर कोयला कंपनी कोयले का आवंटन दिया जायेगा.

इसकी गारंटी केंद्र और राज्य सरकार भी देती है

बावजूद कॉल इंडिया ने यह कदम उठाया है.

तमाम व्यवसायियों ने बैंक से ऋण लेकर उद्योग स्थापित किया है

ऐसे में वह बैंक का कर्ज नहीं चुका पाएंगे.

इसके साथ ही करीबन तीस हजार मजदूरों के सामने बेरोजगारी संकट भी है.

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