Patna Flood Rescue Seminar: बिहार में बाढ़ से निपटने का मास्टर प्लान! राज्यपाल ने खुद लिया तैयारियों का जायजा

Patna Flood Rescue Seminar: सोमवार को बिहार रेजिमेंटल सेंटर में झारखंड और बिहार सब-एरिया की ओर से बाढ़ बचाव कार्यों पर एक सेमिनार और आधुनिक बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का मकसद बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारतीय सेना, NDRF, SDRF और नागरिक एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और राहत व बचाव कार्यों को और असरदार बनाना था।

राज्यपाल ने आपदा तैयारियों का जायजा लिया

कार्यक्रम के दौरान, बिहार के राज्यपाल और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने आपदा प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग स्टॉल, राहत शिविरों और आधुनिक बचाव संसाधनों का निरीक्षण किया। उन्होंने NDRF, SDRF, भारतीय सेना और वायु सेना की तैयारियों की समीक्षा की और आपदा प्रबंधन में इस्तेमाल हो रही आधुनिक ड्रोन तकनीक के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय सही समय पर, तालमेल के साथ और योजनाबद्ध तरीके से काम करने से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

तालमेल और क्षमता निर्माण पर खास जोर

राज्यपाल ने आपदा प्रबंधन में शामिल अधिकारियों और कर्मियों की सेवा भावना की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ऐसे ट्रेनिंग प्रोग्राम अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने, क्षमता विकसित करने और लोगों में जागरूकता लाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में बाढ़ राहत कार्यों को और बेहतर बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया।

विशेषज्ञों ने राहत कार्यों के अनुभव साझा किए

झारखंड और बिहार सब-एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस सेमिनार का मुख्य मकसद बाढ़ जैसी आपदाओं के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (rapid response system) को मजबूत करना और आधुनिक बचाव तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना था। NDRF और SDRF के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और बाढ़ राहत कार्यों के दौरान अपनाए जाने वाले बेहतरीन तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

आधुनिक बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी ने सबका ध्यान खींचा

कार्यक्रम के दौरान 51 इंजीनियर रेजिमेंट ने बाढ़ राहत और बचाव के आधुनिक उपकरणों की एक खास प्रदर्शनी आयोजित की। प्रदर्शनी में कई तरह की बचाव नौकाएं, जीवन रक्षक उपकरण, संचार के साधन, सुरक्षा संसाधन और आधुनिक तकनीकें दिखाई गईं। इससे प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन में इस्तेमाल होने वाले नए और आधुनिक उपकरणों के बारे में जानकारी मिली।

मौजूद वरिष्ठ अधिकारी

इस मौके पर NDRF, SDRF, सिविल प्रशासन और आपदा प्रबंधन की विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ मेजर जनरल जितेंद्र सिंह (GOC, झारखंड और बिहार सब एरिया), ब्रिगेडियर अमित वेदी (डिप्टी GOC), ब्रिगेडियर राकेश कुमार बोरा (कमांडेंट, बिहार रेजिमेंटल सेंटर) और कर्नल विजय कुमार (डिप्टी कमांडेंट) भी मौजूद थे।

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