रांची : राज्य में कई स्कूलों को उर्दू स्कूल बनाने और रविवार के बदले शुक्रवार को
स्कूल बंद किए जाने के खिलाफ झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है.
पंकज कुमार यादव की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने इस मामले में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है.
याचिका में कहा गया है कि जहां पर मुस्लिम जनसंख्या ज्यादा है,
वहां के सभी स्कूलों का इस्लामीकरण किया जा रहा है.
राज्य सरकार के अधिसूचना के अनुसार सरकारी स्कूलों में रविवार को अवकाश होना है,
लेकिन इन स्कूलों में स्थानीय स्तर पर जनसंख्या के आधार पर अवकाश दिया जा रहा है.
इसके अलावा स्कूल की प्रार्थना में बदलाव किया गया है.
अदालत से इस मामले की जांच कर रिपोर्ट तलब करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है.
जांच के लिए आदेश जारी
बता दें कि झारखंड के कई जिलों से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां सरकारी प्राथमिक विद्यालय का नाम कथित तौर पर बदल कर उर्दू उच्च विद्यालय कर दिया गया है. जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विद्यालय को पहले की तरह संचालित करने की मांग की है. वहीं शिक्षा विभाग ने भी मामले की जांच का आदेश दे दिया है. जांच के बाद मामले पर अधिक जानकारी आने की उम्मीद है.
बीजेपी सांसद ने की थी जांच की मांग
प्राथमिक विद्यालय का नाम कथित तौर पर बदल कर उर्दू उच्च विद्यालय करने के मामले पर भाजपा सासंद सुदर्शन भगत ने शिक्षा विभाग से इसकी जांच कराने की बात कही थी. उन्होंने सवाल उठाया था कि ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि यह सामान्य विद्यालय था. इसलिए शिक्षा विभाग को मामले की जांच करनी चाहिए. जानकारी के मुताबिक स्कूल के पूर्व छात्र रहे धनेश्वर पांडेय ने जिला परिसदन में सांसद को अपनी पांचवीं की डिग्री दिखाई थी. इसमें विद्यालय के नाम के साथ उर्दू शब्द का जिक्र नहीं था.
उर्दू स्कूल की मिली है मान्यता
जानकारी के मुताबिक राजकीय उत्क्रमित उर्दू उच्च विद्यालय चरहु को जिला शिक्षा विभाग ने उर्दू स्कूल की मान्यता दे रखी है. लोहदरगा जिले के 18 उर्दू स्कूलों की सूची में में इस विद्यालय को भी शामिल किया गया है. हालांकि, विवाद के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने अब मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं.
रिपोर्ट: प्रोजेश दास

















