Pitru Paksha Mela 2026: गयाजी की धरती पर इन दिनों आस्था, परंपरा और श्रद्धा का माहौल है। देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए यहां पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी श्रद्धालुओं को ऐसी सुविधाएं देने की है, जिससे उनकी धार्मिक यात्रा सहज और यादगार बन सके। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 25 सितंबर को पितृपक्ष मेला के अवसर पर गयाजी पहुंचकर विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने देव घाट का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और उनका स्वागत ‘अतिथि देवो भव’ की भावना से किया जाए।
घाट से लेकर आवासन तक बेहतर व्यवस्था का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि बाहर से आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और वे गयाजी से सुखद अनुभव लेकर लौटें। उन्होंने अधिकारियों को घाटों, आवासन, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गया और पुनपुन दोनों जगह पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तकनीक और ऐप का इस्तेमाल किए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। विभिन्न राज्यों से आने वाले लोगों को उनकी भाषा में जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
टेंट सिटी का उद्घाटन, विष्णुपद कॉरिडोर पर बड़ा निवेश
मुख्यमंत्री ने पितृपक्ष मेला के अवसर पर टेंट सिटी का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए गयाजी में सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। विष्णुपद कॉरिडोर को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कुल 3,500 करोड़ रुपये खर्च करेंगी। इसमें 2,500 करोड़ रुपये कॉरिडोर के विकास के लिए प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह राज्य में किसी मंदिर के विकास से जुड़ी अब तक की बड़ी परियोजनाओं में से एक है।

गया एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने गया एयरपोर्ट को बिहार के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट के माध्यम से राज्य की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत की जा रही है। उन्होंने कहा कि गयाजी को इंडोनेशिया, बैंकॉक और गल्फ देशों सहित दुनिया के अन्य प्रमुख स्थानों से हवाई मार्ग के जरिए जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही।

उद्योग, जल और रोजगार को लेकर भी सीएम ने गिनाईं योजनाएं
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बिहार में औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बोधगया में उद्योगों के विकास के लिए इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) की शुरुआत की जा रही है। उनके अनुसार, अक्टूबर 2026 से करीब 20 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश का जमीन पर उतरना शुरू होगा। इसके अलावा करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से सोन नदी का पानी फल्गु नदी में लाने की योजना पर काम किए जाने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संसाधन से जुड़े समझौतों के माध्यम से गया और आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई तथा पानी की उपलब्धता बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में 1 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है और अब तक 43 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

श्रद्धालुओं से आत्मीयता के साथ स्वागत की अपील
मुख्यमंत्री ने बिहार और गयाजी के लोगों से पितृपक्ष मेला के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं का मिल-जुलकर सम्मान और आत्मीयता के साथ स्वागत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले लोगों को बिहार की संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य का सुखद अनुभव मिलना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान डाक विभाग की ओर से जारी विशेष डाक लिफाफे का विमोचन भी किया गया। इसके अलावा पंडा समाज की पुस्तक ‘पाचन तीर्थ गयाजी’ का विमोचन और मानपुर पटवा टोली के बुनकरों द्वारा तैयार गयाजी धाम अंगवस्त्र का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत सहित बिहार सरकार के कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, श्रद्धालु और बड़ी संख्या में आम लोग मौजूद रहे।


















