रांची : मोरहाबादी मैदान में पुलिस ने आधी रात को 11 लोगों को हिरासत में लिया है. रात लगभग दो बजे के करीब लालपुर थाना की
पुलिस आमरण-अनशन कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पहले दो घंटे तक इधर-उधर घुमाया.
इसके बाद ओरमांझी थाना पहुंचा दिया.
लगभग 11 लोगों को पुलिस के द्वारा हिरासत में ले लिया गया, जिसको लेकर आज एसडीओ के ऑफिस में बॉन्ड बेल साइन करने पहुंचे.
एसडीओ ऑफिस के बाहर अभ्यर्थियों ने कहा कि हमलोग रात में सो रहे थे उसी दौरान पुलिस ने आधी रात को 11 जेपीएससी अभ्यर्थियों
को उठा कर ले गई. हमलोगों का मोबाइल भी जब्त कर लिया है. अभ्यर्थियों ने जब इस मामले पर पुलिस से पूछा तो उ
न्होंने कहा कि यहां पर धारा 144 लगा हुआ है, जबकि इसकी जानकारी हमलोगों को थी ही नहीं.
जेपीएससी पीटी परीक्षा में गड़बड़ी:
बता दें कि जेपीएससी पीटी परीक्षा में गड़बड़ी के मामले पर पिछले 47 दिनों से मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका के समीप धरना पर
बैठे अभ्यर्थियों को शुक्रवार की देर रात पुलिस ने जबरन हटा दिया. एसडीओ ऑफिस के बार जेपीएससी अभ्यर्थी ने सरकार से
सवाल करते हुए कहा कि क्या हमलोग अपराधी हैं, जिस तरीके से पुलिस ने 11 लोगों को रात के समय उठा कर ले गयी.
झारखंड की सरकार जेपीएससी अभ्यर्थियों के खिलाफ तानाशाही रवैया अपना रही है. हमलोग झारखंड के मूलवासी हैं.
सरकार चाहे तो हमलोगों का खतियान भी जांच करा लें. महाधिवेशन में मुख्यमंत्री ने कहा है कि जितने छात्र परीक्षा दिए हैं
उनमें से 75 प्रतिशत स्थानीय हैं और जो 25 प्रतिशत बाहरी हैं. ये बाहरी लोग ही धांधली का आरोप लगा रहे हैं और
हंगामा कर रहे हैं. इससे साफ जाहिर है कि सरकार की मंशा ठीक नहीं है. सरकार के तनाशाही रवैया के बावजूद भी
हमलोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है.
बता दें कि झारखंड में सदन से लेकर सड़क तक JPSC अध्यक्ष को बर्खास्त करने और 252 सीटों के लिए आयोजित
7वें से लेकर 10वें JPSC एग्जाम में हुई गड़बड़ियों की CBI जांच और प्रीलिम्स के रिजल्ट को रद्द करने की मांग के
साथ लगातार आंदोलन चल रहा है. विपक्ष सदन के अंदर और बाहर हंगामा कर रही है, तो अभ्यर्थी बीते 50 दिनों से
लगातार सड़कों पर हैं. नेतृत्व कर रहे देवेन्द्र ने कहा था कि उनके आरोप सही साबित हुए हैं. 57 अभ्यर्थी जिन्हें पास
घोषित किया गया था उन्हें बाद में fail किया गया.
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