रांची सिविल कोर्ट को Bomb Threat, ईमेल से मिली धमकी के बाद पुलिस अलर्ट, अंतरराज्यीय साजिश की आशंका

 रांची सिविल कोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। पुलिस ने कोर्ट परिसर की सघन जांच की, केस दर्ज कर अंतरराज्यीय साजिश के एंगल से जांच शुरू।


Bomb Threat रांची: रांची की राजधानी स्थित सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को पूरे कोर्ट परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। यह धमकी सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार के आधिकारिक ईमेल पर भेजी गई थी। ईमेल मिलते ही न्यायिक और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार रजिस्ट्रार प्रशांत कुमार वर्मा ने जैसे ही ईमेल खोला, इसकी सूचना तत्काल न्यायायुक्त को दी। न्यायायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के एसएसपी को सूचित किया। इसके बाद कोतवाली थाना में रजिस्ट्रार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

Bomb Threat: ईमेल से मिली धमकी, बम निरोधक दस्ता ने की सघन तलाशी

धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बम निरोधक दस्ता को मौके पर भेजा। कोर्ट भवन के अंदर और पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। हर कमरे, गलियारे और सार्वजनिक स्थानों की जांच की गई।

रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि कोर्ट से बम रखे जाने की सूचना मिली थी। प्राथमिक जांच में ईमेल फर्जी प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। फिलहाल किसी भी तरह की आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है।

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1, सीजेएम शशि भूषण शर्मा और एसएसपी राकेश रंजन के बीच बैठक हुई थी। ऐसे में इस धमकी को सुरक्षा व्यवस्था से जोड़कर भी देखा जा रहा है।


Key Highlights

  • रांची सिविल कोर्ट को आधिकारिक ईमेल पर बम से उड़ाने की धमकी

  • कोर्ट परिसर में बम निरोधक दस्ता द्वारा सघन जांच

  • कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज, पुलिस जांच शुरू

  • बिहार और दिल्ली एनसीआर के कोर्ट को भी मिल चुकी है ऐसी धमकी

  • पहले भी एनआईए न्यायाधीश को उग्रवादियों द्वारा दी जा चुकी है धमकी


Bomb Threat:बिहार और दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर मिली धमकी

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि 28 जनवरी 2026 को बिहार के कई सिविल कोर्ट को इसी तरह की धमकी दी गई थी। पटना, किशनगंज, गया, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीवान, बेगूसराय, समस्तीपुर, कैमूर और भागलपुर के सिविल कोर्ट को भी ईमेल के जरिए धमकी मिली थी।

इसके अलावा हाल के दिनों में दिल्ली एनसीआर क्षेत्र की कुछ अदालतों को भी इसी तरह के धमकी भरे संदेश मिले हैं। हालांकि इन मामलों में कहीं भी बम या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई थी। रांची पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम को अंतरराज्यीय साजिश के एंगल से भी जांच रही है।

Bomb Threat: पहले भी न्यायाधीशों को मिल चुकी है धमकी

रांची में इससे पहले भी न्यायाधीशों को धमकी दिए जाने के मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2024 में होटवार जेल में बंद पीएलएफआई उग्रवादियों प्रभु प्रसाद साहू और निवेश कुमार द्वारा एनआईए के एक न्यायाधीश को गुमनाम पत्र के जरिए धमकी दी गई थी। इस मामले में 17 अक्तूबर 2024 को खेलगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पत्र में बिहार के शूटरों को दो करोड़ रुपये की सुपारी देकर हत्या कराने की बात लिखी गई थी और छह कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था।

इसी तरह अप्रैल 2025 में माओवादी नेता प्रशांत बोस और उनकी पत्नी शीला मरांडी को जेल से छुड़ाने के लिए भी एनआईए के एक न्यायाधीश को धमकी दी गई थी। इस संबंध में कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और अनामिका इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े लोगों को आरोपी बनाया गया था।

लगातार मिल रही इन धमकियों के बीच न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की जरूरत महसूस की जा रही है। फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से ईमेल के स्रोत की जांच कर रही है और मामले को गंभीरता से लिया गया है।

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