सीवान : सीवान शहर के जाने माने दरबार परिवार का सदस्य मकसूद नजर का गायब होने का मामला जिले के नगर थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जो काफी चर्चा का विषय बना हुआ था। आवेदन उनकी पत्नी निशा प्रवीन के द्वारा लिखित रूप से दी गई थी। दिए गए आवेदन में निशा परवीन ने जिक्र किया था कि उनके पति मकसूद नजर जिनका उम्र लगभग 50 वर्ष है। वो 20 जुलाई 2024 दिन के दो बजे घर से निकले और दुबारा वापस लौट कर नहीं आए और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ बता रहा था।
उन्होंने यह भी बताया कि उनका पति मकसूद नजर मानसिक रूप से बीमार हैं जिनका इलाज पटना के निजी अस्पताल में चलता है। इस मामले को लेकर उन्होंने नया बाजार दरबार हाता निवासी स्वर्गीय जमालुल हक के पुत्र अनवारूल हक और बंगाली नामक व्यक्ति पर शक के आधार पर गायब करने का गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया था। अब इस मामले में नया मोड़ सामने आया है और नगर थाना की पुलिस ने इस गुत्थी को सुलझा दिया है। सोमवार को नगर थाना के पुलिस ने अपहरण कांड का खुलासा कर दिया और दरबार परिवार के सदस्य मकसूद नजर को न्यायलय में पेश किया है। जहां पर मकसूद नजर ने खुद का हुए अपहरण मामले से पर्दा हटा दिया है।
आपको बता दें कि मकसूद नजर ने मीडिया से बात चीत के क्रम में बताया कि मेरी पत्नी द्वारा जो आरोप अनवारूल हक और बंगाली पर मुझे अपहरण कर देने का आरोप लगाया गया था वो सरासर गलत व निराधार है। उन्होंने बताया कि अनवारूल हक या किसी अन्य के द्वारा मुझे गायब नहीं किया गया था। अनवारूल हक और बंगाली दोनों व्यक्ति निर्दोष हैं। वहीं अधिवक्ता नवीन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 161 के तहत मकसूद नजर ने पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज करवाया है। उन्होंने बताया है कि मैं अक्सर अपने व्यवसाय को लेकर बाहर रहता हूं। इस दौरान मेरी पत्नी परेशान हो जाती है और बार-बार फोन करने लगती थी। मैं मानसिक रूप से परेशान होने के कारण अपना मोबाइल बंद कर दिया था जिसके बाद मेरी पत्नी ने घबराकर मुकदमा दर्ज करा दिया। फिलहाल इस मामले में पुलिस द्वारा 161 और 164 का बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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रवि कुमार की रिपोर्ट


