औरंगाबाद : औरंगाबाद पुलिस ने बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व. रामबिलास सिंह यादव की प्रतिमा को हिरासत में ले लिया है। जिसको लेकर जिला परिषद सदस्यों के बीच हंगामा मची हुई है और कई सदस्यों ने अपने ही अध्यक्ष पर सवालिया निशान खड़ा किया है। जिला परिषद के चेयरमैन प्रमिला देवी ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। जिसमें जिला परिषद के कई सदस्यों ने भाग लिया।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान जिला परिषद गोह के प्रतिनिधि स्याम सुंदर यादव ने बताया कि अध्यक्ष के ऊपर उठाय गए सवाल बेबुनियाद है। जब जिला परिषद के सदन से निर्विरोध यह निर्णय लिया गया था कि दानी विगहा बसस्टेंड के कैंपस में पूर्व मंत्री स्व. रामबिलास सिंह यादव की आदमकद प्रतिमा लगाया जाएगा। जिसकी स्वीकृति के लिए जिला पदाधिकारी के पास दस्तावेज भेज दिया गया था। जिसको लेकर जिला पदाधिकारी ने छठ पूजा बाद उस मामले पर बिचार करने की बात कहा था। इसी बीच छह नवंबर को कुछ अज्ञात लोगों के द्वारा उस स्थल पर प्रतिमा लगा दिया गया।
आपको बता दें कि जैसे ही अवैध तरीके से प्रतिमा लगाने की मामला प्रकाश में आया वसे ही जिला प्रसासन ने उस पर त्वरित कार्रवाई करने का आदेश संबंधित अधिकारी को दिया। इसके उपरांत मामले से संबंधित अधिकार के आदेश पर नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंच प्रतिमा को हिरासत में ले लिया है। इस मामले को लेकर प्रेसवार्ता में उपस्तित सभी जिला परिषद सदस्यों ने दानी बिगहा बस स्टैंड से रामबिलास बाबू की प्रतिमा हटाए जाने की घटना का निंदा की है।
उन्होंने कहा कि यह निंदनीय है। महापुरुषों का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस जिले के लोगों की भलाई और किसी तरह का कोई सामाजिक उन्माद उत्पन्न न हो, इसको लेकर जिला प्रशासन तत्काल उचित कार्रवाई करते हुए उस जगह रामबिलास बाबू की प्रतिमा स्थापित हो। जिला पर्षद शंकर यादव ने कहा कि जिला परिषद की एक बैठक में सात जनवरी 2023 को पूर्व मंत्री रामबिलास बाबू की आदमकद प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव पारित हुआ था। जिला परिषद एक संवैधानिक संस्था है।
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फिलहाल फाइल जिला पदाधिकारी को भेजा गया है। लेकिन बीते छह नवंबर को रामबिलास बाबू की आदमकद प्रतिमा उठाकर नगर थाना में रखवाया गया है। यह घटना निंदनीय है। इस मामले में आरोप जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि पर लगाए जा रहे हैं, जो वह बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि ऐसे महान विभूतियों की प्रतिमा लगाना हमारी कर्तव्य बनता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले 15 दिनों में पुनः रामबिलास बाबू की प्रतिमा स्थापित किया जाएगा। इस संबध में उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि मामले में उचित कार्रवाई करते हुए प्रतिमा अविलंब स्थापित की जाएं।
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दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट


