PATNA CITY : पटना सिटी क्षेत्र के गुलजारबाग स्टेशन के पास अतिक्रमण हटाने गई पुलिस का लोगों ने जमकर विरोध किया. इस दौरान पुलिस और पब्लिक के बीच भिड़ंत हो गई. पुलिस पर लोगों ने एक दुकान और एक व्यक्ति को आग के हवाले करने का आरोप लगाया है. इस घटना में एक व्यक्ति बुरी तरह जल गया. लोगों ने प्रशासन पर जानबूझकर आग लगाने का आरोप लगाया है.

अतिक्रमण : क्या है पूरा मामला
घटना के बारे में बताया गया कि पटना सिटी क्षेत्र के गुलजारबाग स्टेशन के आगे मेहंदी गंज गुमटी के पास एक मकान निर्माण किया हुआ है. यह मकान 3 तल्ले का निर्माण किया हुआ है इसकी सुनवाई कोर्ट में चल रही है, कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 24 फरवरी की तारीख निर्धारित की है. लेकिन तत्काल रेलवे प्रशासन के द्वारा इस मकान को स्थाई करने के लिए नोटिस जारी किया गया.
कोर्ट का निर्णय आने तक भी नहीं रुका प्रशासन – स्थानीय
स्थानीय लोगों ने कहा कि कोर्ट के निर्णय आने का हवाला देकर
अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई रोकने का आग्रह किया गया.
लेकिन प्रशासन नहीं माना और कार्रवाई शुरु कर दी.
इसके बाद ही लोगों का आक्रोश भड़क गया.
लोगों ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन
और दंडाधिकारी जो अपने आपको दंडाधिकारी बता रहे हैं
वह आते ही जनता से भिड गए और इसी बीच अनिल कुमार
और मुन्ना कुमार के शरीर में आग लग गई. लोगो का कहना है
कि प्रशासन के द्वारा आग लगाई गई है पूरे दुकान से लेकर
पूरे शरीर में आग लगा दिया गया है जिनको गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
‘अधिकृत मजिस्ट्रेट नहीं आई थी कार्रवाई के लिए’
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट मंजू देवी को अधिकृत किया गया था लेकिन वो कार्रवाई के दौरान नहीं आई थी. बल्कि जो लोग खुद को मजिस्ट्रेट बता रहे थे उन्होंने कोई पहचान पत्र नहीं दिखाया.
यह लोग मजिस्ट्रेट के नाम पर आए थे और लोग आग लगाते हुए दुकान में आग लगाते हुए निकल पड़े इसके बाद स्थानीय लोग काफी संख्या में इकट्ठा हो गए. और हंगामा करने लगे. लोगों ने इसके खिलाफ आंदोलन की चतावनी दी है.
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