रांचीः झारखंड में हेमन्त सरकार बनने के बाद छठे उपचुनाव डुमरी सीट को लेकर अब सियासी सरगर्मी काफी तेज हो चुकी है. फिर से एक बार डुमरी उपचुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. दरअसल इस बार बीजेपी यह दावा कर रही है कि आजसू और बीजेपी के एक साथ आने से एनडीए गठबंधन काफी मजबूत हुआ है. जिस तरह से रामगढ़ में उपचुनाव को एनडीए ने जीता है. उसी तरह डुमरी में भी हम चुनाव जरूर जीतेंगे. यह बातें बीजेपी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहीं.
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि मधुपुर में जब उपचुनाव हुए थे. तब सरकार के बने लगभग 1 साल हुए थे. ऐसे में अब लगभग 4 साल पूरे होने वाले हैं. जनता के मन में अब इस सरकार के प्रति आक्रोश देखने को मिल रहा है. रोजगार और नियोजन नीति जैसे विषय अब सामने है. जिसका कोई विकल्प सरकार के पास नहीं है. सरकार जो चुनावी वादे करके आई थी. वह फिसड्डी साबित हुई है ऐसे में अगर मधुपुर मॉडल डुमरी में भी अपनाया जाता है. तब भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा. मैं तो यह कहता हूं कि मंत्री या मुख्यमंत्री भी बनाकर चुनावी मैदान में उम्मीदवार देंगे. तो इसका कोई असर नहीं पड़ने वाला है.
उन्होंने कहा कि पिछली बार के चुनावी समीकरण को ही अगर देखें तो लगभग 72 हजार वोट प्राप्त कर जगरनाथ महतो विजयी घोषित हुए थे. वहीं आजसू और बीजेपी के वोटों को जोड़ दें तो लगभग 73 हजार वोट प्राप्त हुए थे. ऐसे में अगर हम पिछली बार भी चुनाव साथ में लड़ते तो, फिर चुनाव का नतीजा हम लोगों के पक्ष में होता, लेकिन जो बीत गई सो बात गई इस बार अब हमारा गठबंधन फिर से एक बार मजबूत हुआ है. हम इस चुनाव को जरूर जीतेंगे. एक तरफ 2024 के चुनाव से पहले इसे आईना माना जा रहा है. इस सरकार की उल्टी गिनती रामगढ़ के उपचुनाव से ही माना जा रहा है. इससे पहले के चार उपचुनाव सरकार के बनने के लगभग कुछ वर्षों के बाद ही हुए थे. इसलिए लोगों का समर्थन मिल रहा था, लेकिन अब इस सरकार के असली चेहरे लोगों के सामने आ चुके हैं.


