UP Budget 2025 में दिखा महाकुंभ का इफेक्ट, प्रयागराज को मिले 2 नए पुल…

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एक्सप्रेसवे की सांकेतिक तस्वीर
एक्सप्रेसवे की सांकेतिक तस्वीर
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लखनऊ : UP Budget 2025 में दिखा महाकुंभ का इफेक्ट, प्रयागराज को मिले 2 नए पुल…। यूपी विधानसभा में गुरूवार को पेश UP Budget 2025 में महाकुंभ 2025 के अनुभव का इफेक्ट भी दिखा है। CM Yogi आदित्यनाथ ने बड़े ही बेलागी से इस बात को स्वीकारा भी और बजट पेश होने के बाद की गई प्रेसवार्ता में इस तथ्य का खुलकर जिक्र भी किया।

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CM Yogi ने कहा कि – ‘…महाकुंभ में रहे अनुभव के आधार पर प्रयागराज सुचारू आवागमन के लिए दो नए पुल की जरूरत महसूस की गई है।

…उसी के मद्देनजर बजट में प्रयागराज में आवागमन को और सुगम बनाने के लिए एक शास्त्री ब्रिज के पैरलल और एक सिग्नेचर ब्रिज के पैरलल नये पुलों के निर्माण हेतु प्रावधान किया गया है।’

यूपी को 4 नए एक्सप्रेसवे की सौगात…

विधानसभा में UP Budget 2025 पेश होने के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह के साथ तिलक हॉल में प्रेसवार्ता करते हुए CM Yogi आदित्यनाथ ने कहा कि – ‘…बजट में 4 नये एक्सप्रेस-वेज के निर्माण का प्राविधान है।

…इसमें (1) आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से गंगा एक्सप्रेस-वे कौसिया, जनपद हरदोई वाया फर्रुखाबाद तक प्रवेश नियंत्रित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे (2) गंगा एक्सप्रेस-वे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चन्दौली होते हुए सोनभद्र से जोड़ते हुए विन्ध्य एक्सप्रेस-वे (3) मेरठ को हरिद्वार से जोड़ने हेतु गंगा एक्सप्रेस-वे विस्तारीकरण एक्सप्रेस-वे तथा (4) बुन्देलखण्ड रीवा एक्सप्रेस-वे के लिए बजटीय प्रावधान किया गया है।

…उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवेज की कनेक्टिविटी और बेहतर की जाएगी। गुरुवार को विधानमंडल में पेश किए गए बजट में सरकार ने चार नए एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 1,050 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है।

…इन एक्सप्रेसवेज के निर्माण के बाद तीन प्रमुख तीर्थ स्थलों काशी, प्रयागराज व हरिद्वार की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की तरफ से इनका निर्माण कराया जाएगा।’

प्रेसवार्ता करते सीएम योगी
प्रेसवार्ता करते सीएम योगी

झारखंड – छत्तीसगढ़ से यूपी की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

CM Yogi की अगुवाई में प्रदेश सरकार के पेश UP Budget 2025 में साफ है कि Yogi सरकार प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सड़कों की कनेक्टिविटी को और मजबूत कर रही है। औद्योगिक विकास के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 36 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे।

इनमें से 6.50 लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्रदेश में आ चुका है। बजट भाषण देने के क्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि – ‘…आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करने के लिए नया लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। 90.83 किलोमीटर लंबे इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 4837.64 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

…प्रवेश नियंत्रित छह लेन का यह ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे वे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जंक्शन के पास इटावा के कुदरैल से शुरू होगा और फर्रुखाबाद होते हुए हरदोई में समाप्त होगा। सरकार ने बजट में इसके लिए 900 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।

…वहीं, गंगा एक्सप्रेस-वे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली होते हुए सोनभद्र से जोड़ने के लिए विन्ध्य लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा। 320 किलोमीटर के इस लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 22,400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

…यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के अंतिम बिंदु प्रयागराज से शुरू होकर सोनभद्र स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-39 पर समाप्त होगा। इसका निर्माण होने के बाद मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ व झारखंड के साथ उत्तर प्रदेश की रोड कनेक्टिविटी बेहतर होगी। सरकार ने बजट में इसके लिए 50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है।’

बजट पेश करने के बाद प्रेसवार्ता करते सीएम योगी
बजट पेश करने के बाद प्रेसवार्ता करते सीएम योगी

मेरठ टू हरिद्वार यानि यूपी टू उत्तराखंड पर Yogi सरकार का फोकस

खास बात यह कि Yogi सरकार ने मेरठ को हरिद्वार से जोड़ने को लेकर गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तारीकरण के लिए 50 करोड़ रुपये रखे हैं। इसके निर्माण के बाद गंगा एक्सप्रेसवे से काशी, प्रयागराज और हरिद्वार तीन तीर्थ स्थल जुड़ जाएंगे।

594 किलोमीटर लंबी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना पर 36,230 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे वाहनों की 120 किलोमीटर की रफ्तार के हिसाब से डिजाइन किया गया है। साथ ही बुंदेलखंड रीवां एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए सरकार ने बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है।

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के साथ डिफेंस इंडस्ट्रियल कारीडोर परियोजना के लिए 461 करोड़ रुपये का प्रविधान भी सरकार ने किया है। इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 9.5 हजार करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित है।

लखनऊ में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) सिटी के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। साइबर सुरक्षा में टेक्‍नोलॉजी ट्रांसलेशन रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।

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