सुपौल: गत वर्ष कोसी नदी ने तांडव मचाते हुए पिछले 55 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा था। एक और जहां कोसी बराज के ऊपर से जल प्रवाहित होने लगी तो वहीं दूसरी ओर इलाके में हाहाकार मच गया था। कोसी के रौद्र-रूप को देखते हुए विभागीय अभियंताओं की उच्च स्तरीय टीम ने अपने तीन दिवसीय प्रवास में नेपाल के पुल्टेगौरा तक का दौरा किया और बाढ़ पूर्व निरोधात्मक कार्यों की समीक्षा की। Kosi Kosi Kosi Kosi Kosi
अभियंताओं की उच्च स्तरीय टीम का नेतृत्व जीएफसीसी के अध्यक्ष इंजीनियर अंबरीष नायक कर रहे थे। उनके अलावा टीम में फ्लड कंट्रोल के इंजीनियर इन चीफ इंजीनियर शरद कुमार, जीएफसीसी पटना के सदस्य इंजीनियर संदीप कुमार राजन, चीफ इंजीनियर वरुण कुमार, चीफ इंजीनियर मोहम्मद आलम, भारत सरकार के डब्लू आर डी के चीफ इंजीनियर मोहम्मद आलम के अलावा नेपाल के जल संसाधन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जनरल इंजीनियर मित्र बराल, नेपाल कोसी रिवर के प्रोजेक्ट मैनेजर इंजीनियर राजन राज भट्टराई, इंजीनियर मनोहर कुमार शाह, चेतन प्रसाद सिटोला, विजय कुमार सिंह आदि शामिल थे।

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कोसी नदी के पर वे बांध का निरीक्षण करते हुए भिन्न-भिन्न स्पैरो पर किए जा रहे बाढ़ पूर्व निरोधात्मक कार्यों का उच्च स्तरीय टीम ने मोइन किया उसे क्रम में टीम नेपाल के पुल्टेगौरा तक पहुंची। वीरपुर निरीक्षण भवन में उच्च स्तरीय टीम के सदस्यों ने मीडिया से बात की।
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सुपौल से ओपी राजू की रिपोर्ट



