नई दिल्ली: आज, 15 अगस्त 2024 को, भारत ने अपना 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देशवासियों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की वीरता को याद किया और स्वतंत्रता की भावना को फिर से जीवंत किया। उन्होंने कहा कि 2047 सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि यह देश की विकास यात्रा का एक प्रमुख लक्ष्य है। प्रधानमंत्री ने इस वर्ष और पिछले वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं के कारण पीड़ित लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की और आश्वस्त किया कि सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ है।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आग्रह किया कि वे स्वतंत्रता संग्राम के उन दिनों को याद करें जब हमारे पूर्वजों ने सैकड़ों वर्षों की गुलामी और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि 1857 का स्वतंत्रता संग्राम और उससे पूर्व के संघर्षों ने यह सिद्ध किया कि भारतीयों में अदम्य साहस और संकल्प था। पीएम मोदी ने इतिहास की उन कहानियों को साझा किया जब हमारे पूर्वजों ने 40 करोड़ की संख्या में एक सशक्त और स्वतंत्र भारत के सपने को साकार किया।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को विश्वास दिलाया कि अगर हमारे पूर्वज स्वतंत्रता की बेड़ियों को तोड़ सकते थे, तो आज 140 करोड़ भारतीय मिलकर 2047 तक एक विकसित भारत का सपना पूरा कर सकते हैं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों और उन सभी महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने देश के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया और स्वतंत्रता की राह पर अपने कदम बढ़ाए।
संबोधन के अंत में, पीएम मोदी ने देश के किसानों, जवानों, युवाओं, माताओं और बहनों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शोषित और पीड़ित लोगों की स्वतंत्रता के प्रति निष्ठा और लोकतंत्र के प्रति श्रद्धा पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि भारत को एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हर नागरिक का योगदान आवश्यक है और एकता, समर्पण और मेहनत से ही यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।


