Ramgarh News: रामगढ़ जिले का मांडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आज इलाज से ज्यादा इंतजार का केंद्र बनता जा रहा है. यहां मरीज इलाज का इंतजार करता है और मृतक का परिवार व्यवस्था का. पिछले तीन वर्षों से मांडू CHC का शव वाहन खराब हालत में खड़ा है. वहीं केंद्र में मौजूद एक ईको एंबुलेंस भी जर्जर हो चुकी है. इसका नतीजा यह है कि गंभीर मरीजों को समय पर रेफर नहीं किया जा पाता और मृतकों के परिजन सम्मानजनक अंतिम यात्रा के लिए भटकते रहते हैं.
Ramgarh News: किराए की गाड़ी से ले जाना पड़ता है शव
ग्रामीण बताते हैं कि कई बार निजी गाड़ी किराए पर लेकर शव ले जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ तो बढ़ता ही है, साथ ही मानसिक पीड़ा भी गहरी होती है. कुछ मामलों में तो स्ट्रेचर पर शव ले जाने जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जो सभ्य समाज के लिए शर्मनाक हैं.
Ramgarh News: स्वास्थ्य प्रभारी रेशमी सांगा ने ये कहा
स्वास्थ्य प्रभारी रेशमी सांगा के अनुसार कोरोना काल में शव वाहन सदर अस्पताल भेज दिया गया था और तीन साल तक वहीं उपयोग हुआ. जब वह वापस आया तो पहले से खराब था. लगभग 15 साल पुराना होने के कारण वह बार-बार मरम्मत के बाद भी जवाब दे देता है. मैकेनिक ने भी चेताया है कि यह अब भरोसे लायक नहीं रहा. फिलहाल मांडू CHC केवल दो एंबुलेंस के सहारे चल रहा है, जो इस पूरे इलाके के लिए नाकाफी हैं. ग्रामीणों की मांग है कि सरकार जल्द नया शव वाहन और अतिरिक्त एंबुलेंस दे, ताकि इलाज रास्ते में न रुके और मौत के बाद भी अपनों को सम्मान मिल सके.
रामगढ़ से मोहम्मद एहसान मंजर की खबर…
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