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Ranchi Deputy Mayor Election 2025: जनता से नहीं, पार्षदों से होगा चुनाव | Jharkhand Municipal Update

रांची डिप्टी मेयर चुनाव अब पार्षदों द्वारा होगा। झारखंड नगरपालिका अधिनियम में बदलाव से सीधा चुनाव नहीं, कोई आरक्षण लागू नहीं।


Ranchi Deputy Mayor Election 2025 रांची: नगर निगम में डिप्टी मेयर के चुनाव का तरीका इस बार पूरी तरह बदल गया है। वर्ष 2018 में डिप्टी मेयर का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया गया था, जिसमें लोगों ने अपने वोट से डिप्टी मेयर चुना था। हालांकि, झारखंड सरकार ने हाल ही में झारखंड नगरपालिका अधिनियम में संशोधन करते हुए डिप्टी मेयर के लिए प्रत्यक्ष चुनाव के नियम को समाप्त कर दिया है।

इस बदलाव के बाद आगामी नगर निकाय चुनाव में डिप्टी मेयर का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होगा। यानी, जो पार्षद चुनाव जीतकर निगम में आएंगे, वही डिप्टी मेयर का चुनाव करेंगे। इस चुनाव में किसी भी जाति, धर्म या लिंग के लोग भाग ले सकते हैं, और इस पद पर कोई आरक्षण लागू नहीं होगा।


Key Highlights:

  • 2018 में रांची में डिप्टी मेयर का चुनाव सीधे जनता द्वारा हुआ था।

  • झारखंड नगरपालिका अधिनियम में संशोधन के बाद अब डिप्टी मेयर का चुनाव अप्रत्यक्ष होगा।

  • आगामी नगर निकाय चुनाव में पार्षदों द्वारा ही डिप्टी मेयर चुना जाएगा।

  • डिप्टी मेयर पद पर कोई जाति, धर्म या लिंग आधारित आरक्षण लागू नहीं होगा।

  • मेयर पद पर आरक्षण होगा, लेकिन पुरुष और महिलाएं दोनों चुनाव लड़ सकते हैं।

  • राज्य निर्वाचन आयोग अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के लिए आरक्षण तय करेगा।


Ranchi Deputy Mayor Election 2025:

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण जारी रहेगा। जबकि डिप्टी मेयर और अन्य उपाध्यक्ष के पद अनारक्षित होंगे। इसका अर्थ यह है कि सभी पार्षदों के बीच चुनाव कराकर ही यह पद भरा जाएगा।

Ranchi Deputy Mayor Election 2025: पहले डिप्टी मेयर चुनाव का इतिहास

  • रांची: 2008 – जनता ने चुना, अजय नाथ शाहदेव बने | 2013 – पार्षदों ने चुना, संजीव विजयवर्गीय बने | 2018 – जनता ने चुना, संजीव विजयवर्गीय बने।

  • धनबाद: 2010 – जनता ने चुना, नीरज सिंह बने | 2015 – पार्षदों ने चुना, एकलव्य सिंह बने।

Ranchi Deputy Mayor Election 2025: मेयर पद और आरक्षण

इस बार मेयर पद पर भी किसी विशेष वर्ग की महिला के लिए आरक्षण नहीं होगा। यदि किसी निगम में मेयर पद किसी वर्ग के लिए आरक्षित होगा, तो वहां पुरुष और महिलाएं दोनों चुनाव लड़ सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि रांची नगर निगम का मेयर पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित है, तो एसटी महिला और पुरुष दोनों इस पद के लिए चुनाव लड़ सकते हैं।

यह बदलाव झारखंड में स्थानीय लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिनिधि-केंद्रित बनाने के लिए किया गया है।

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