रामगढ़ जेल में बंद गैंगस्टर सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह ने उरीमारी के कोयला व्यवसायी की हत्या के लिए हरियाणा से शूटर बुलाया, एडवांस नहीं मिलने पर वापस लौटा।
Ranchi Gangster Network Exposed रांची. राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नामकुम थाना पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि रामगढ़ जेल में बंद गैंगस्टर सुनील कुमार मीणा उर्फ मयंक सिंह ने उरीमारी के एक कोयला व्यवसायी की हत्या के लिए हरियाणा के महेंद्रगढ़ से शूटर बुलाया था। युवक की पहचान गगन यादव उर्फ जाट के रूप में हुई है।
Key Highlights
• रामगढ़ जेल में बंद मयंक सिंह ने उरीमारी कोयला व्यवसायी की हत्या की साजिश रची
• हरियाणा के महेंद्रगढ़ से शूटर गगन यादव बुलाया गया
• एक लाख रुपये एडवांस तय, रकम नहीं मिलने पर शूटर लौटा
• चेकिंग के दौरान दो आरोपी हथियार के साथ गिरफ्तार
• रंगदारी और हत्या का नेटवर्क जेल से संचालित होने का खुलासा
Ranchi Gangster Network Exposed: कोयला व्यवसायी की हत्या की जिम्मेदारी, लेकिन सौदा टूटा
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों राजेश पांडेय और कन्हाई दास ने बताया कि इस हत्या के लिए शूटर को एक लाख रुपये एडवांस देने की योजना थी। लेकिन रकम नहीं मिलने के कारण गगन यादव झारखंड आते ही वापस हरियाणा लौट गया। बताया गया कि हत्या की साजिश राहुल दुबे गैंग के निर्देश पर रची गई थी और इसका क्रियान्वयन जेल से संचालित नेटवर्क के जरिये होना था।
Ranchi Gangster Network Exposed:जेल से चल रहा था गैंग, चार हथियार तक उपलब्ध कराए गए
राजेश और कन्हाई के बयान के अनुसार, रामगढ़ जेल में बंद तुषार मिश्रा ने अपने सहयोगियों के जरिये हत्या की जिम्मेदारी तय करवाई थी। इस काम के लिए चार हथियार उपलब्ध कराए गए थे। इनमें से दो हथियार गगन यादव हरियाणा वापस लौटते समय साथ ले गया। यह भी बताया गया कि गगन यादव पहले से ही राहुल दुबे गिरोह के लिए काम करता रहा है।
Ranchi Gangster Network Exposed:नामकुम थाना पुलिस की कार्रवाई और खुलासा
26 दिसंबर की रात नियमित चेकिंग के दौरान नामकुम थाना पुलिस ने राजेश पांडेय और कन्हाई दास को पिस्टल, 10 गोली एवं अन्य सामान के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों राजधानी रांची के कुछ व्यवसायियों के घरों की रेकी कर रहे थे और रंगदारी मांगने की योजना बना रहे थे।
पूछताछ के आधार पर पुलिस ने केस में मयंक सिंह, राहुल दुबे, तुषार मिश्रा और गगन यादव को नामजद आरोपी बना दिया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को 27 दिसंबर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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