Jharkhand High Court में महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति को लेकर सुनवाई हुई। Women Supervisor recruitment में 100% महिला आरक्षण वैध है या नहीं, यह सक्षम बेंच तय करेगी।
Ranchi High Court News रांची: रांची में झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने महिला पर्यवेक्षिका पद पर नियुक्ति से जुड़े मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के बाद अदालत ने इस प्रकरण को सक्षम बेंच के पास स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि महिला पर्यवेक्षिका का पद शत प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित किया जा सकता है या नहीं, इस बिंदु पर निर्णय अब सक्षम बेंच द्वारा लिया जाएगा।
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मामला महिला पर्यवेक्षिका के कुल 444 पदों पर नियुक्ति से संबंधित है। इससे पहले की सुनवाई में अदालत ने यह सवाल उठाया था कि क्या किसी पद को पूरी तरह महिला कैडर के लिए आरक्षित किया जा सकता है। इसी बिंदु पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए मामले को आगे की सुनवाई के लिए सक्षम बेंच को भेज दिया है।
Key Highlights
महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति मामले पर Jharkhand High Court में सुनवाई
जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने मामला सक्षम बेंच को भेजा
444 पदों पर Women Supervisor recruitment का मामला
100 प्रतिशत महिला आरक्षण वैध है या नहीं, इस पर निर्णय बाकी
जेएसएससी और राज्य सरकार ने महिला आरक्षण का समर्थन किया
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याचिका की सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स और चंचल जैन ने पक्ष रखा। वहीं, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल और अधिवक्ता प्रिंस कुमार ने अदालत में अपना पक्ष रखा। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने दलील दी कि महिला पर्यवेक्षिका का पद केवल महिलाओं के लिए ही निकाला गया है।
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अदालत में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस मामले का मुख्य प्रश्न यह है कि संवैधानिक और कानूनी दृष्टि से किसी सरकारी पद को 100 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित किया जा सकता है या नहीं। इस महत्वपूर्ण सवाल पर अंतिम निर्णय अब सक्षम बेंच द्वारा दिया जाएगा, जिस पर आगे की प्रक्रिया और नियुक्ति की दिशा तय होगी।
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