राशन गोदाम भ्रष्टाचार और गुणवत्ता विहीन निर्माण की शिकार, मजदूरी भी सरकारी दर से कम

गुमलाः जिले के सिसई प्रखंड के पुराने प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में बन रहे राशन गोदाम भ्रष्टाचार का शिकार हो गया है. जानकारी के अनुसार भवन विभाग से हो रहे इस निर्माण कार्य में अनेक अनियमिताएं देखी जा रही हैं. जिसमें घटिया क्वालिटी का प्लास्टर, मसाला में सीमेंट की मात्रा बहुत ही कम, पानी का पटवन नहीं होने से प्लास्टर का और कमजोर हो जाना, लाल ईंट के जगह फ्लाई ऐश ब्रिक्स का प्रयोग, चारों तरफ नाली निर्माण में गहराई में कमी, वायरिंग में घटिया क्वालिटी का सामग्री का प्रयोग करना, जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ना, प्लंबिंग में घटिया पाइप का प्रयोग करना, शेड के लिए लग रहे स्क्वायर पाइप घटिया क्वालिटी का प्रयोग करना प्रमुख रूप से है.

मजदूरी भी सरकारी दर से कम

इन सब कार्यों की शिकायत कांग्रेस सिसई मंडल अध्यक्ष बिहारी भगत, कांग्रेस पुसो मंडल अध्यक्ष जितेंद्र लोहरा और अन्य स्थानीय ग्रामीण से प्राप्त होने के बाद कार्य स्थल पहुंचने पर देखा गया कि निर्माण कार्य के देखरेख करने के लिए कोई भी तकनीकी व्यक्ति उपलब्ध नहीं था. स्थल पर जब मजदूरों से बात की गई तो पता चला कि मजदूरों को सरकारी दर से बहुत ही कम मजदूरी दी जा रही है. उन्होंने बताया कि सरकारी दर से मजदूरी मांगने पर मजदूरों को काम से निकाल दिया जाता है. जिसके डर से मजदूर बोलने से भी हिचक रहे थे. कार्य स्थल पर ठेकेदार का नाम पूछे जाने पर जहां मजदूरों ने इसकी जानकारी नहीं होने की बात कहीं वही कार्य देख रहे ठेकेदार के रिश्तेदार ने कुछ भी बताने से इनकार करते हुए संवाददाता पर तीखी टिप्पणी करने शुरू कर दी और कहा कि मुझे नहीं पता है. यह किसका काम है. मैं यहां घूमने आया हूं.

रिपोर्टः अमित राज

 

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